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Laghu Udyog in Hindi- लघु उद्योग के बारे में बेसिक जानकारी

Laghu Udyog in Hindi

Laghu Udyog in Hindi- लघु उद्योग के बारे में बेसिक जानकारी  

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में laghu udyog in hindi मतलब की laghu udyog के बारे में पढ़ेगें! जब भी हम laghu udyog का नाम सुनते है तो उसके बाद हमारे मन में सिर्फ एक ही सवाल आता है की आखिर ये laghu udyog होता क्या है! छोटे मोटे काम को जो एक normal person भी start कर सकता है उसको laghu udyog कहाँ जाता है! laghu udyog का मतलब छोटा मोटा उद्योग होता है! आज के समय में laghu udyog एक बढ़िया जरिया है जिसके द्वारा हम अपने आपको सफल बना सकते है! laghu udyog की सबसे बढ़िया बात ये होती है की इसको कोई भी start कर सकता है! 

laghu udyog को आप अपने घर पर से भी start कर सकते है! मुर्गी पालन, मोमबत्ती बनाना, बिस्कुट बनाने की दूकान खोलना, आदि काम laghu udyog के अंदर आते है! laghu udyog एक ऐसा उद्योग है जिसको कोई भी आम आदमी थोड़े पैसे में खोल सकता है! laghu udyog को हम एक तरह से छोटा पैमाने पर business कह सकते है! यदि आपके पास कोई रोजगार नहीं है तो आप भी अपने अनुसार कोई भी laghu udyog खोल सकते है! laghu udyog start करने के लिए आपको एक बढ़िया प्लानिंग की जरूरत होगी! एक बढ़िया प्लानिंग के साथ साथ थोड़े पैसे की भी जरूरत होगी! 


कोई भी laghu udyog start करने से पहले आपको इस बात का ध्यान देना होगा की आप जो laghu udyog खोल रहे है उससे related कोई और आपके आस पास उस उद्योग को तो नहीं कर रहा है! laghu udyog के बारे में अच्छी बात ये होती है की इसको खोलने के लिए आपको किसी high profile जगह की जरूरत नहीं होती है! आप किसी भी तरह के laghu udyog को अपने घर start कर सकते है! 

आज हमारा भारत भले ही एक आजाद देश हो गया हो लेकिन आज भी भारत में बहुत से ऐसे लोग है जिनके पास रोजगार के नाम पर कोई काम और धंधा नहीं है! अगर हम बेरोजगारी को भारत का सबसे बड़ी समस्या कहे तो उसमे कोई गलत बात नहीं होगा! भारत में बहुत से ऐसे लोग भी है जो अच्छी अच्छी डिग्री लेने के बाद भी बेरोजगार है! भारत से बेरोजगारी को खत्म करने के लिए laghu udyog एक बहुत ही बढ़िया माध्यम है! जो लोग बेरोजगार से जूझ रहे है उन लोगो को अपने खुद का कोई laghu udyog खोल लेना चाहिये! laghu udyog आपके बेरोजगारी की समस्या को खत्म कर सकता है! 


जब हम कोई laghu udyog खोलने के बारे में सोचते है तो हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या पैसे की होती है! कोई भी laghu udyog खोलने के लिए आपके पास थोड़े पैसे होना बहुत जरुरी है! यदि आपके पास कोई laghu udyog start करने के लिए कोई पैसे नहीं है तो आप बैंक से जाकर अपने laghu udyog के लिए पैसे लोन के द्वारा ले सकते है! हमारी भारत सरकार ने बहुत से ऐसे स्कीम निकली है जिसके द्वारा आपको बहुत ही कम ब्याज दर पर अपने laghu udyog ने लिए पैसे मिल सकते है! आपको अपने laghu udyog के लिए बैंक से तभी कम ब्याज पर पैसे मिलेगें जब आप अपने laghu udyog का पूरी जानकारी बैंक को बताएंगें! इस तरह से हम कह सकते है की आप अपने laghu udyog के लिए बैंक से कम ब्याज दर पर लोन ले सकते है!


यदि आप किसी भी तरह का कोई laghu udyog start करते है तो उससे आपको बहुत सारे फायदे होते है! कोई भी laghu udyog खोलने का सबसे बढ़िया फायदा ये होता है की आपके इसमें बहुत ही कम पैसे लगते है! मतलब की आपको कोई छोटा मोटा laghu udyog के लिए ज्यादा पैसे की जरूरत नहीं होती है! भारत सरकार की laghu udyog start करने वाले लोगो को पूरा support करती है! और आपके laghu udyog के द्वारा बेचने वाले चीजों पर बहुत ही कम कर लगाती है! laghu udyog के द्वारा बनाने वाले समान की market में काफी डिमांड रहता है! इसके साथ साथ laghu udyog का एक सबसे बढ़िया फायदा ये भी है की किसी भी laghu udyog के लिए आपको मशीने, कच्चा माल और काम करने वाले मजदुर बहुत ही कम रेट पर आपको बहुत ही आसानी से मिल जाते है! 


कोई भी laghu udyog आप 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक में start कर सकते है! कोई भी laghu udyog खोलने से पहले आपको उस उद्योग के बारे में अच्छी तरह से research कर लेनी चाहिये! इसके साथ साथ आपको इस बात की भी अच्छी research कर लेनी चाहिये की आप अपने laghu udyog के द्वारा जो सामान बना रहे है उस सामान में market में कितनी मांग है! laghu udyog कई तरह के होते है जैसे निर्माण छेत्र और सेवा छेत्र! यदि आप पहली बार कोई laghu udyog खोलने जा रहे है की आपको इस छोटे पैमाने पर start करना चाहिये! पहले ही बार में आपको बहुत सारा paisa laghu udyog में नहीं लगाना चाहिये! 


आपको वही laghu udyog खोलना चाहिये जिसमे आपकी रूचि हो! इसके साथ साथ आप अपने laghu udyog के माध्यम से जो समान बनाये वह ग्राहकों को पसंद आना चाहिये! कभी भी ग्राहकों को चीट करने की कोशिश ना करे! यदि आप ग्राहकों को cheat करके अपने laghu udyog का सामान बेचते  है तो आपका laghu udyog कभी भी सफल नहीं होगा! और आपको बहुत ही जल्दी असफलता मिल सकती है! इसलिए अपने ग्राहकों को अच्छा से अच्छा सामान देने की कोशिश करे! 


यदि आप सही तरीके से कोई laghu udyog start करते है तो आपको उसमे सफल होने की संभावना बढ़ जाती है! यदि अभी तक आपके पास कोई रोजगार नहीं है तो यही समय है अपने laghu udyog को start करने का! जब तक आप किसी भी चीज़ में action नहीं लेंगें तब तक आपका जीवन सफल नहीं होगा! इसलिए action लेने से मत डरे! मै उम्मीद करता हूँ! की आप भी बहुत ही जल्द अपने खुद का कोई laghu udyog start करके अपने बेरोजगारी को दूर करेगें!   


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Kutir Udyog in Hindi- कुटीर उद्योग के बारे में जानकारी


Kutir Udyog in Hindi

Kutir Udyog in Hindi- कुटीर उद्योग के बारे में जानकारी 

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Kutir Udyog in Hindi मतलब की कुटीर उद्योग के बारे में हिंदी आर्टिकल को पढ़ेगें! ऐसे छोटे बड़े उद्योग जिनमे मशीन और पूंजी की प्रधानता न होकर काम की प्रधानता होती है वे Kutir Udyog कहलाते है!  कुटीर उद्योग में अधिक से अधिक दस हाथो का सहयोग होना चाहिये! इसके लिए बड़ी पूंजी , बड़े भूखंड और बड़े बाजार की जरूरत नहीं होती है! Kutir Udyog को एक परिवार या फिर पास पडोस के लोग मिलकर इसे अपने घर में ही बहुत ही आसानी से चला सकते है! 

किसी देश की आर्थिक सम्पन्नता और खुशहाली में Kutir Udyog का बहुत ही विशेष योगदान रहता है! आज जापान पुरे एशियाई देशो में सबसे अधिक खुशहाल देश है! जापान के बारे में कहाँ जाता है वहां का छोटा सा घर भी एक लघु उद्योग का केंद्र है! हमारी पुरानी सामाजिक ब्यवस्था में भी Laghu Udyog का बहुत बड़ा महत्व था! कृषि के अतिरिक्त ग्रामीण जनता छोटे छोटे Laghu Udyog में लगी हुई थी! मोची जुटा, बढाई लकड़ी का सामान, कुम्हार मिट्टी के बर्तन, और तेली कोल्हू से तेल आदि चीज़े तैयार करने में लगा रहता था! 

गावं की गरीब महिलाये छोटे मोटे कामो से जीविका चलाती थी! इस तरह से गावं के बिभिन्न वर्ग विभिन्न प्रकार के उत्पादों में लगे रहते थे! वे एक दुसरे की जरूरत को पूरा करते थे! इसी वजह से पुराने समय के गावं स्वावलम्बी और सुखी रहते थे! Kutir और Laghu  उद्योग के बारे में गाँधी जी ने कहा था " कोई भी देश Laghu-Kutir Udyog को अनदेखा कर विकास नहीं कर सकता है! खासकर भारत जैसा विकासशील एवं गावं का देश!"

वर्तमान युग मशीनी युग है! अब लोग मोची के स्थान पर बड़ी बड़ी कम्पनियों के जुते पसंद करते है! कोल्हू के तेल के स्थान पर मिलो के तेल प्रयोग करने लगे है! हाथ से बने कपड़ो के स्थान पर सिंथेटिक कपड़े पहनने लगे है! इस प्रवृत्ती से नुकसान यह हुआ की Kutir Udyog का महत्व लोगो की नजरो में कम हो गया है! इसके कई अन्य नुकसान भी हुए है! बड़ी बड़ी मशीनों की चिमनियो से निकले धुएं से पर्यावरण प्रदूषण की समस्या बढ़ी है! गाँधी जी कहा कते थे! " मशीनों को काम देने से पहले आदमी को काम दो" Kutir Udyog की स्थापना में कई problem का निदान संभव है! 

बेरोजगारों को काम देने के लिए  कुटीर उद्योग बहुत ही कारगर उपाय है! घर घर में  कुटीर उद्योगो का जाल बिछना चाहिये! ऐसे कई Kutir Udyog है जो सैकड़ो - हजारो हाथो को काम दे सकते है! मधुमक्खी पालन, चमडा उद्योग, डेयरी फार्म, हस्तकरघा  उद्योग, लकड़ी एवं मिट्टी के खिलवने, सिले सिलाय कपड़े, मोमबत्ती उद्योग, मुर्गी पालन, मछली पालन , आदि महत्वपूर्ण Kutir Udyog में आते है! इन  कुटीर उद्योग की सफलता के लिए सरकार का सहयोग अपेछित है! 

हमारे भारत सरकार को चाहिये की वह इन Kutir Udyog के प्रशिछण की बढ़िया से बढ़िया व्यवस्था करे! किसी को भी इस तरह के  कुटीर उद्योग शुरु करने के लिए कम ब्याज पर ऋण दिलाये तथा कच्चे माल एवं उत्पादित चीजों की बिक्री हेतु बाजार उपलब्ध कराये! इन सबके अलावा सरकार को इन  कुटीर उद्योगो के संनछण पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये! बड़े  उद्योगो की स्थापना से छोटे उद्योग मृतप्राय हो जाते है! 

इस प्रकार भारत जैसे निर्धन एवं अपार जनसख्या वाले देश के लिए कम पूंजी पर आधारित Kutir Udyog धंधे आर्थिक विकास की रीढ साबित हो सकते है! इससे बढती बेरोजगारी को भी कम किया जा सकता है! 

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Bird Flu In Hindi Language | बर्ड प्लु के बारे में बेसिक जानकारी

Bird Flu In Hindi

Bird Flu In Hindi Language | बर्ड प्लु के बारे में बेसिक जानकारी 

आज हम इस आर्टिकल में Bird Flu In Hindi Language मतलब की बर्ड प्लु के बेसिक चीज़ों के बारे में पढ़ेगें! आज कल हम लोग आये दिन बर्ड प्लु बीमारी के बारे में सुनते है! आज कल बर्ड प्लु एक बहुत ही जटिल बीमारी बन गयी है! बर्ड प्लु की बीमारी को सबसे ज्यादा मुर्गियों में पाया गया है! बर्ड प्लु की वजह से बहुत सारी मुर्गिय मर जा रही है! अभी तक बर्ड प्लु को ठीक तरीके से ठीक करने के लिए कोई बढ़िया दवा नहीं बना है! भारत में भी बर्ड प्लु  की बीमारी काफी तेजी से बढ़ रही है! हमारे सरकार को बर्ड प्लु बीमारी के निजाज के लिए कोई बढ़िया कदम उठाना होगा! हम उम्मीद करते है! की आने वाले दिनों में हम अपने देश से बर्ड प्लु बीमारी को पूरी तरह भगा देंगें!

एवियन इंप्लुएंजा अर्थात बर्ड प्लु एक छुट की बीमारी है! जो एक तरह से वायरस से फैलता है! बर्ड प्लु की बीमारी ज्यादातर पछियों में होती है! लेकिन कभी कभी बर्ड प्लु के कारण सूअर भी प्रभावित हो जाते है! वैसे यह बीमारी जानवरों में होती है लेकिन देखा गया है की कई बार बर्ड प्लु मनुष्य को भी प्रभावित कर गयी है! बर्ड प्लु एक बहुत ही जटिल बीमारी है जो आये दिन पछियों में होता रहता है! अभी हाल ही में हमारे दिल्ली शहर में बर्ड प्लु के कारण बहुत सारे मुर्गियों की मौत हो गयी और इसके साथ साथ बहुत सारी मुर्गिय अभी भी इससे प्रभावित है! 


घरेलू मुर्गी फर्मो में बर्ड प्लु से दो तरह की बीमारी होने की शंका रहती है! जिसमे से पहले वाले को निम्न और दुसरे वाले को उच्च कहा जाता है! किसी मुर्गी में निम्न वाली बीमारी होने पर उस मुर्गी के पंख बिखर जाते है! और वे नम अंडे देने लगती है! उच्च वाली बीमारी होने पर मुर्गिया 48 घंटे के अंदर मर जाती है! 


बर्ड प्लु से प्रभावित मनुष्यों में बुखार , खासी , गले में खराश , मांसपेशियों में दर्द , न्युमोनिया , सांस लेने में तकलीफ तथा जीवन को संकट में डालने वाली जटिलताएं पैदा हो जाती है! वैसे बर्ड प्लु के लछन इसको फ़ैलाने वाले वायरस पर निर्भर करता है! बर्ड प्लु से प्रभावित पछियों के लार , नाक से निकलने वाले पानी तथा मुहं से निकलने वाली भाप में वायरस होता है! इन सभी चीजों के संपर्क में आने पर दुसरे पछियों को भी बर्ड प्लु हो जाता है! मनुष्य में भी यह बीमारी इसी तरह फैलती है! लेकिन बर्ड प्लु एक पछी से दुसरे पछी में फैलता है! एक मनुष्य से दुसरे मनुष्य में इसको फैलते हुए बहुत कम बार पाया गया है! 


बहुत से प्रवासी पछी सर्दियों में भारत आते है! यदि वे बर्ड प्लु से प्रभावित है तो यह बीमारी भारतीय पछियों में भी फ़ैल सकती है! जहाँ तक मनुष्यों में इस बीमारी के फैलने की बात है तो वायरस अपने रूप और कार्य बदलते रहते है! अगर बर्ड प्लु का वायरस ऐसे रूप में आ जाता है जिससे मनुष्य प्रभावित हो सकते है! तो ये जरुर चिंता की बात होगी! इस बीमारी को दूर करने के लिए अभी तक दो दवाईयों को उपयोग किया जा रहा है! जिन दो दवाईयों का उपयोग इसके इलाज के लिए किया जा रहा है उसका नाम ओसेलटा ( टैमीप्लु) और जसमइविट (तैलेंजा) है! यदि इन दोनों दवा को बीमारी की शुरुवात में ही दे दिया जाये तो इस बीमारी से ठीक होने की संभावना ज्यादा रहती है! ये दोनों दवा वायरस की सतह पर पाय जाने वाले न्यूरामिनिडेस नामक प्रोटीन को खत्म कर देता है! जिससे यह एक कोशिका से दुसरे कोशिका में नहीं जा पाता है! 


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Essay on Nobel Prize in Hindi | नोबल पुरस्कार पर निबन्ध

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Essay on Nobel Prize in Hindi | नोबल पुरस्कार पर निबन्ध

हेलो दोस्तों आज हम Essay on Nobel Prize in Hindi मतलब की नोबेल पुरस्कार पर निबंध को पढ़ेगें! यदि आप न्यूज़ को देखते या फिर पढ़ते होंगें! तो आपने जरुर कही ना नहीं Nobel Prize के बारे में सुना होगा! यदि किसी person को Nobel Prize मिलता है तो ये उसके लिए बहुत सम्मान की बात होती है! इस समय पूरी दुनिया का सबसे बढ़ा अवार्ड Nobel Prize ही है! कई सारे इंडियन को भी उनके बढ़िया काम के लिए  Nobel Prize मिल चूका है! 

Nobel Prize एक ऐसा पुरस्कार है जिसको शांति , साहित्य , भैतिक  शास्त्र, रसायन  शास्त्र, चिकित्सा  शास्त्र और अर्थ  शास्त्र के छेत्र में लोगो को उनके बढ़िया काम या फिर योगदान के लिए दिया जाता है! Nobel Prize एक ऐसा अवार्ड है जिसमे लिंग , जाति , धर्म , देश और भेद भाव किसी भी तरह की चीजों को नहीं देखा जाता है!  Nobel Prize की शुरुवात 1901 से हुआ था तब से ये पुरस्कार ऊपर बताये गए छेत्र में दिया जाता है! Nobel Prize में मिलने वाते पैसे की बात करे तो अभी Nobel Prize में मिलने वाली राशि 10 लाख dollor से भी ज्यादा है! Nobel Prize किसी को मिलने का मतलब एक बहुत बड़ा सम्मान है इसमें लोग पैसे से ज्यादा सम्मान के ऊपर ध्यान देते है!

जिन लोगो को Nobel Prize मिलता है उनको इसमें मिलने वाली इनाम राशि के अलावा स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र भी दिए जाते है! अब तक 1 हजार से भी ज्यादा प्रतिभावान  लोग Nobel Prize पा चुके है! अगर आप सोच रहे है की Nobel Prize केवल पुरुषो को मिलता है तो आप गलत सोच रहे है पुरुषो के साथ साथ महिलायों को भी Nobel Prize दिया जाता है! अभी तक सैकड़ो से भी ज्यादा महिलाये Nobel Prize पा चुकी है! 

स्वीडन के एक बैज्ञानिक अल्फ्रेड बर्नहाई नोबल के नाम पर ही Nobel Prize का नामकरण किया गया था! अल्फ्रेड बर्नहाई नोबल का जन्म 21 अक्तूबर 1833 को एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था! एक गरीब परिवार में पैदा होने के बाद भी अल्फ्रेड बर्नहाई नोबल ने अपने मेनहत और लगन से 1866 में डायनामाइट जैसे importent विस्फोटक की खोज करके पूरी दुनिया को चकित कर दिया था!

अल्फ्रेड बर्नहाई नोबल के इस खोज से पूरी दुनिया में उनका डंका बजने लगा! और उनकी इस खोज के कारण उनको बहुत पैसे मिले! अल्फ्रेड बर्नहाई नोबल की मौत से पहले उनके पास 90 लाख dollor रूपए थे! और जब  अल्फ्रेड बर्नहाई नोबल मौत हुई उसके बाद जब उनकी वसीहत को पढ़ा गया तो वह कुछ इस प्रकार था! " मेरे मरने के बाद मेरी सारी राशि एक बैंक में जमा कर दी जाये! और उससे मिलने वाले ब्याज से हर साल शांति , साहित्य , भैतिक  शास्त्र, रसायन  शास्त्र, चिकित्सा  शास्त्र और अर्थ  शास्त्र के छेत्र में महत्यपूर्ण कार्य करने वाले लोगो को पुरस्कार दिया जाये!

जब 10 दिसम्बर 1896 को  अल्फ्रेड बर्नहाई नोबल की मौत हुई उसके बाद उनकी वसीहत के अनुसार उनके सारे पैसे को बैंक में जमा करके 1901 से अब तक हर साल 10 दिसम्बर को उस राशि से मिलने वाले ब्याज से नोबल पुरस्कार दिया जाता है! 

Nobel Prize के निर्धारण एक चयन समिति के द्वारा किया जाता है!जब कभी एक विषय पर पुरस्कार पाने वाले की संख्या एक से अधिक होती है! तो पुरस्कार की राशि सबसे समान रूप से बाँट दी जाति है! यदि किसी साल कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिलता है तो उस साल का पुरस्कार नहीं दिया जाता है! किसी ब्यक्ति के मरने के बाद भी Nobel Prize दिया जाता है!

अगर बात भारत की की जाये तो कई ऐसे इंडियन लोग है जिनको Nobel Prize मिला है! साहित्य के लिए रविन्द्रनाथ टैगोर को 1913 में, भैतिक  शास्त्र के लिए 1929 को सी. वी. रमन को,  शांति के लिए 1979 को मदर टेरेसा को, को मिला था! Nobel Prize में मैडम क्युरी  का नाम मुख्य रूप से लिया जाता है! क्योकि इनके परिवार का हर एक ब्यक्ति को Nobel Prize मिला था! मैडम क्युरी  को दो बार और उनके पति , बेटे और दामाद को एक एक बार Nobel Prize मिला था! 

किसी भी क्यक्ति के लिए Nobel Prize मिलना बहुत ही सम्मान की बात है! एक देश के लिए Nobel Prize पाना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है! किसी ब्यक्ति को Nobel Prize मिलने का मतलब ये होता है की वह जिस देश में रहता है उस देश का वह एक अमूल्य नागरिक है! हम उम्मीद करते है की आने वाले समय में हमारे भारत देश के और लोगो को Nobel Prize मिलेगा! 

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Essay On Indira Gandhi In Hindi- इंदिरा गाँधी पर निबंध

 Essay On Indira Gandhi In Hindi

Essay On Indira Gandhi In Hindi- इंदिरा गाँधी पर निबंध

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Essay On Indira Gandhi In Hindi मतलब की श्रीमती इंदिरा गाँधी पर निबंध को पढ़ेगें! हमारे आजाद भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने अपने खून का हर एक कतरा भारत के गौरव की रक्षा में लगा दिया था!  श्रीमती इंदिरा गाँधी एक आदर्श पिता के आदर्श पुत्री थी!  श्रीमती इंदिरा गाँधी के बारे में एक बहुत ही पापुलर विदेशी लेखक माइटा किंग्सले ने कहा है की " अप्रतिम सौन्दर्य और अप्रतिम शील के साथ जब एक चेतना का संयोग होता है तब उनका नाम हो जाता है- इंदिरा गाँधी! 

अगर बात इंदिरा गाँधी के जन्म की की जाये तो इंदिरा गाँधी! का जन्म 19 नवम्बर 1917
को इलाहाबाद के आनंद भवन में हुआ था! इंदिरा गाँधी के पिता का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरु और माता का नाम कमला नेहरु था! इंडिया का शायद ही कोई ऐसा ब्यक्ति होगा जो पंडित जवाहरलाल नेहरु को नहीं जानता होगा! पंडित जवाहरलाल नेहरु हमारे आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे! आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की ही बेटी थी इंदिरा गाँधी! इंदिरा गाँधी जब छोटी थी तब ही इनके माँ की मौत हो गयी थी! इंदिरा गाँधी के बचपन में ही इनकी माँ चल बसी थी! इंदिरा गाँधी का पालन पोषण उनके दादा मोती लाला नेहरु और उनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरु की देख रेख में हुआ था! इंदिरा गाँधी बचपन से ही बहुत सुंदर और आकर्षक थी! इंदिरा गाँधी को लोग बचपन में प्यार से "इंदिरा प्रियदर्शनी कहकर बुलाते थे! इंदिरा गाँधी बचपन से ही बहुत होस्तियार थी! इंदिरा गाँधी ने अपने कार्यो से अपने आपको एक योग्य पिता की योग्य पुत्री साबित किया था! 

इंदिरा गाँधी की शुरुवाती पढाई लिखाई इलाहाबाद में ही हुई थी! इंदिरा गाँधी ने हाई स्कूल की क्लास पुणे से पास किया था! इंदिरा गाँधी ने पढने के लिए विदेश भी गयी थी! भारतीय कला और संस्कृति की पढाई कोलकाता के शांति निकेतन से पाई थी! शांति निकेतन में गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की देख रेख में इनका और ज्यादा विकाश हुआ! इन सभी के अलावा इंदिरा गाँधी अपने पिता के साथ देश  विदेश की यात्रा भी किया करती थी! अपने पिता के साथ देश विदेश की यात्रा करने के कारण उनको और अधिक ज्ञान की प्राप्ति हुई! 

सन 1942 में इंदिरा गाँधी की शादी फिरोज गाँधी के साथ हुई थी! इनके दो पुत्र हुए जिनका नाम राजीव गाँधी और संजय गाँधी था! सन 1950 में  इंदिरा गाँधी कांग्रेस पार्टी की अध्यछ बनी थी! जब 1964 में पंडित जहावाहर लाल नेहरु की मौत हो गयी उसके बाद लाल बाहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री बने! जब लाल बाहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री थे तब इंदिरा गाँधी उनके मंत्रिमंडल में सुचना एवं प्रसारण मंत्री बनी!  लाल बाहादुर शास्त्री का 1966 जब एका एक मौत हो गयी! उसके बाद भारत के प्रधानमत्री के लिए इंदिरा जी और मोरारजी देसाई प्रमुख्य उम्मीदवार थे! लेकिन दोनों में  इंदिरा गाँधी भारी बहुमत से जीत गयी! इस तरह आजाद भारत का पहला महिला प्रधानमंत्री बनाने का गौरव इंदिरा गाँधी को मिला! 

इंदिरा गाँधी ने भारत में गरीबी मिटाने का बहुत प्रयास किया! इंदिरा गाँधी ने इसके लिए बैंको का रास्ट्रीकरण किया जिसके कारण बैंको में जमा धन गरीबी दूर करने की योजनायो में लगाये जाने लगा! इंदिरा गाँधी ने राजाओ को मिलने वाले मुफ्त सरकारी राशि को खत्म कर दिया! इसके साथ साथ इंदिरा गाँधी ने देश के विकाश के लिए बीस सूत्री कार्यक्रम की शुरुवात की! और वह  बीस सूत्री कार्यक्रम आज भी चल रहा है! परमाणु उर्जा और अंतरिक्ष प्लान में भी इंदिरा गाँधी ने बहुत ध्यान दिया! परमाणु उर्जा और अंतरिक्ष प्लान में भी इंदिरा गाँधी ने देश को सम्मानजनक स्तिथि में खड़ा कर दिया! इंदिरा गाँधी के कुशल अगुवाई में ही बांग्लादेश को आजादी मिली थी! इन घटनाओ से पूरी दुनिया के राजनीति में इंदिरा गाँधी की तूती बोलने लगी! 

इंदिरा गाँधी की बढ़िया अगुवाई में भारत पूरी दुनिया में एक बड़ा शक्ति बनता जा रहा था! ऐसे में दुनिया के दुसरे देशो को ये बात अच्छी नहीं लगी! जिसके फलस्वरूप आतंकवादी शक्तिया ने इंदिरा गाँधी की ही सुरछा में लगे जो प्रहरियो से इनकी हत्या करवा दी! जिस दिन इनकी हत्या हुई थी वह 31 अक्तूबर 1984 का दिन था! इंदिरा गाँधी एक महान देशभक्त थी! इंदिरा गाँधी के पास साहस की कोई कमी नहीं थी! जिस समय पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ था उस समय इंदिरा गाँधी ने जिस साहस , वीरता और गंभीरता का परिचय दिया वह अप्रतिम है! बांग्लादेश को मान्यता प्रदान करके इंदिरा गाँधी ने अपने सहसा का पूरा परिचय दिया था! जब पाकिस्तान को चीन और अमरीका का पूरा समर्थन प्राप्त था तब भी इंदिरा गाँधी ने कोई कमजोरी और हीचकिचाहट नहीं दिखाई थी! 

इस बात को हम सभी को मानना चाहिये की किसी भी देश की शक्ति का आधार आत्मविश्वास ही होता है! पश्चिम के देशो ने इंदिरा गाँधी को सबसे शक्तिशाली महिला घोषित कर दिया था! इंदिरा गाँधी को शक्ति और शांति का प्रतिरूप माना गया! शांति और युद्ध जैसे दोनों मौके पर जिस प्रकार इंदिरा गाँधी ने अगवाई की वैसा शायद ही कोई दूसरा ब्यक्ति किया होगा! इस दृष्टि से इंदिरा गाँधी नेहरु और दुसरे लोगो से भी आगे निकल गयी थी! शांति काल में नेहरु जी के आदर्श को अपनाया लेकिन जब देश युद्ध से आक्रांत हुआ तो वे चर्चितो के आदर्श पर चली! इंदिरा गाँधी मोम से कोमल थी और इस्पात सी कठोर भी थी! इंदिरा गाँधी के जन्म के समय सरोजनी नायडू ने जहावाहर लाल को लिखे गए बधाई पत्र में इंदिरा गाँधी को भारत की नई आत्मा कहा था! इंदिरा गाँधी का नाम उनके द्वारा किये गए कार्यो के कारण भारत के इतिहास में हमेशा के लिए अमर रहेगा! 

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