Rabindranath Tagore Quotes In Hindi- रबीन्द्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार



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हेलो दोस्तों आज हम Rabindranath Tagore Quotes In Hindi  मतलब की रबीन्द्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार को जानेंगें!  रबीन्द्रनाथ टैगोर को हम सभी एक कवि के रूप में जानते है! इसके साथ साथ  रबीन्द्रनाथ टैगोर की गिनती दुनिया के बढ़िया  साहित्यकारों में किया जाता है! रबीन्द्रनाथ टैगोर को उनके प्रतिभा के लिए इस दुनिया का सबसे बड़ा प्राइज नोबेल पुरस्कार भी मिल चूका है! हमारे भारत के  राष्ट्रगान  को लिखने वाला कोई और नहीं बल्कि वह रबीन्द्रनाथ टैगोर है! आज भी हम सभी रबीन्द्रनाथ टैगोर के द्वारा लिखे गए राष्ट्रीय गान को गाते है! रबीन्द्रनाथ टैगोर कितने महान ब्यक्ति थे इसकी हम कल्पना नहीं कर सकते है! रबीन्द्रनाथ टैगोर भारत के अमूल्य रत्नों में से एक थे! ये बात आपको जानकर थोडा अस्चार्ये होगा की गाँधी जी को सबसे पहले रबीन्द्रनाथ टैगोर जी ने ही महात्मा कहकर पुकारा था! रबीन्द्रनाथ टैगोर को उनके बहुत ही प्रिय  संग्रह ‘गीतांजली’ के अंग्रेजी अनुवाद के लिए साहित्य का नोबल पुरस्कार मिला था! किसी भी ब्यक्ति के लिए नोबल पुरस्कार प्राप्त करना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है! हमारे भारत का हर एक नागरीक रबीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी महानता के लिए हमेशा याद रखेगा! 



Rabindranath Tagore Quotes In Hindi- रबीन्द्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार


दोस्तों जिस प्रकार रबीन्द्रनाथ टैगोर एक महान पुरुष थे और उनका जीवन सभी के लिए एक प्रेरणा से भरा था ठीक उनके विचार भी हम सभी के लिए प्रेरणा से भरे है! रबीन्द्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार को हम अपने अंदर ग्रहण करके एक नयी मार्ग पर जा सकते है! रबीन्द्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार किसी के भी जीवन को बदला सकते है! 

आज हम इस आर्टिकल में Rabindranath Tagore Quotes In Hindi मतलब की हम रबीन्द्रनाथ टैगोर के उन विचारो के बारे में पढेंगे जो हमारे लिए प्रेरणा से भरे है! यदि आप रबीन्द्रनाथ टैगोर के अनमोल विचारो को देखे तो आपको Rabindranath Tagore Quotes का एक बहुत बड़ा संग्रह दिखाई देगा! इस आर्टिकल में हम rabindranath tagore suvichar in hindi मतलब की रबीन्द्रनाथ टैगोर  के बढ़िया से बढ़िया विचारो को जानेंगे! यदि आपको Rabindranath Tagore ke Quotes उपयोगी लगे तो इसको अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले-


Inspirational Quotes Of Rabindranath Tagore in Hindi-



# सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग एक ऐसे चाक़ू की तरह है जिसमे सिर्फ ब्लेड है. यह इसका प्रयोग करने वाले के हाथ से खून निकाल देता है


# आयु सोचती है, जवानी करती है.


# कट्टरता सच को उन हाथों में सुरक्षित रखने की कोशिश करती है जो उसे मारना चाहते हैं.


# पंखुडियां तोड़ कर आप फूल की खूबसूरती नहीं इकठ्ठा करते.


# मौत प्रकाश को ख़त्म करना नहीं है; ये सिर्फ दीपक को बुझाना है क्योंकि सुबह हो गयी है.


# मित्रता की गहराई परिचय की लम्बाई पर निर्भर नहीं करती .


# किसी बच्चे की शिक्षा अपने ज्ञान तक सीमित मत रखिये, क्योंकि वह किसी और समय में पैदा हुआ है.


# मिटटी के बंधन से मुक्ति पेड़ के लिए आज़ादी नहीं है


# हर बच्चा इसी सन्देश के साथ आता है कि भगवान अभी तक मनुष्यों से हतोत्साहित नहीं हुआ है.

हर एक कठिनाई जिससे आप मुंह मोड़ लेते हैं,एक भूत बन कर आपकी नीद में बाधा डालेगी.

# जो कुछ हमारा है वो हम तक आता है ; यदि हम उसे ग्रहण करने की क्षमता रखते हैं.


# तथ्य कई हैं पर सत्य एक है.


# आस्था वो पक्षी है जो सुबह अँधेरा होने पर भी उजाले को महसूस करती है.

वो जो अच्छाई  करने में बहुत ज्यादा व्यस्त है ,स्वयं अच्छा होने के लिए समय नहीं निकाल पाता.

# मैं एक आशावादी होने का अपना ही संसकरण बन गया हूँ. यदि मैं एक दरवाजे से नहीं जा पाता तो दुसरे से जाऊंगा- या एक नया दरवाजा बनाऊंगा. वर्तमान चाहे जितना भी अंधकारमय हो कुछ शानदार सामने आएगा.


# मैं सोया और स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है. मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है. मैंने सेवा की और पाया कि सेवा आनंद है.


# यदि आप सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर देंगे तो सच बाहर रह जायेगा.


# कला में व्यक्ति खुद को उजागर करता है कलाकृति को नहीं.


# हम ये प्रार्थना ना करें कि हमारे ऊपर खतरे न आयें, बल्कि ये करें कि हम उनका सामना करने में निडर रहे.


# जीवन हमें दिया गया है, हम इसे देकर कमाते हैं.


# प्रेम अधिकार का दावा नहीं करता , बल्कि स्वतंत्रता देता है.


# केवल प्रेम ही वास्तविकता है , ये महज एक भावना नहीं है.यह एक परम सत्य है जो सृजन के ह्रदय में वास करता है.


# संगीत दो आत्माओं के बीच के अनंत को भरता है.


# जब मैं खुद पर हँसता हूँ तो मेरे ऊपर से मेरा बोझ कम हो जाता है.


# मंदिर की गंभीर उदासी से बाहर भागकर बच्चे धूल में बैठते हैं, भगवान् उन्हें खेलता देखते हैं और पुजारी को भूल जाते हैं.


# तितली महीने नहीं क्षण गिनती है, और उसके पास पर्याप्त समय होता है.


# अकेले फूल को कई काँटों से इर्ष्या करने की ज़रुरत नहीं होती.


# उच्चतम शिक्षा वो है जो हमें सिर्फ जानकारी ही नहीं देती बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सद्भाव में लाती है.


# बर्तन में रखा पानी चमकता है; समुद्र का पानी अस्पष्ट होता है. लघु सत्य स्पष्ठ शब्दों से बताया जा सकता है, महान सत्य मौन रहता है.


# जिनके स्वामित्व बहुत होता है उनके पास डरने को बहुत कुछ होता है.


# मुखर होना आसान है जब आप पूर्ण सत्य बोलने की प्रतीक्षा नहीं करते.


# पृथ्वी  द्वारा स्वर्ग से बोलने का अथक प्रयास हैं ये पेड़.


# हम महानता के सबसे करीब तब होते हैं जब हम विनम्रता में महान होते हैं.


# हम तब स्वतंत्र होते हैं जब हम पूरी कीमत चुका देते हैं.


# कला क्या है ? यह इंसान की रचनात्मक आत्मा की यथार्थ के पुकार के प्रति प्रतिक्रिया है.


# सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते.


# आपकी मूर्ती का टूट कर धूल में मिल जाना इस बात को साबित करता है कि इश्वर की धूल आपकी मूर्ती से महान है.


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Vishal Bharadwaj Biography in Hindi- विशाल भरद्वाज का जीवन परिचय

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Vishal Bharadwaj Biography in Hindi-  विशाल भरद्वाज का जीवन परिचय 


नाम- विशाल भारद्वाज 
जन्मदिन- 4 अगस्त 1965 
जन्मस्थान- बिजनोर 

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Vishal Bharadwaj Biography in Hindi मतलब की विशाल भरद्वाज  के जीवन के बारे में पढेंगे! Vishal Bhardwaj बॉलीवुड के एक बहुत ही पापुलर director है! Vishal Bhardwaj बॉलीवुड में अपने बेहतरीन direction के लिए बहुत मशहुर है!  Vishal Bhardwaj के फिल्मो की हर एक चीज़ बहुत कमाल की होती है! Vishal Bhardwaj William Shakespeare के play पर फिल्म बनाने के लिए भी बॉलीवुड में बहुत पापुलर है!


Vishal Bhardwaj ने William Shakespeare के कई play के ऊपर अच्छी अच्छी फिल्मे बनाई है! Vishal Bhardwaj एक director के साथ साथ , writer, producer, screenwrite, singer और music composer भी है! Vishal Bhardwaj अपनी फिल्मे VB Pictures banner के तले बनाते है! Vishal Bhardwaj का जन्म बिजनोर में हुआ था लेकिन वह यंहा से sift होकर meerut u.p. sift हो गए थे! Vishal Bhardwaj ने अपने graduation की पढाई दिल्ली के Hindu College से किया था! उसके बाद Vishal Bhardwaj ने कुछ Ghazal singers के लिए harmonium बजाना शुरु कर दिया! उसके बाद Vishal Bhardwaj  को CBS Music Company में काम करने के अवसर मिला जिसके मालिक  RV Pandit थे! 

Vishal Bhardwaj को एक बार Gulzar के साथ काम करने का अवसर मिला इसलिए Vishal Bhardwaj उनके साथ काम करने के लिए मुंबई आ गये! Vishal Bhardwaj ने Gulzar के साथ कुछ  TV serials में काम किया! उसके बाद Vishal Bhardwaj को एक फिल्म माचिस के लिए music compose करने का अवसर मिला!  माचिस फिल्म को  Gulzar directed कर रहे थे! इसमें Gulzar को Best Music Director का अवार्ड मिला था! 


Ishqiya, Omkara, 7 Khoon Maaf, Chachi 420 जैसी कुछ हिल फिल्मे है जिसमे Vishal Bhardwaj ने अपना बेहतरीन direction किया है! Vishal Bhardwaj एक बहुत ही बढ़िया सिंगर भी है! Vishal Bhardwaj ने बहुत से पापुलर सिंगर के साथ playback singing किया है जिसमे से येसुदास , लता मंगेशकर , आशा भोसले , उदित नारायणम, के.के. , अनुराधा पौडवाल, कुमार सानु मुख्य है!

playback singing, music composition और screenwriter अलावा Vishal Bhardwaj बॉलीवुड टाउन में एक director के लिए ज्यादा पापुलर है! Vishal Bhardwaj के direction में बनी पहली मूवी मकडी थी! इसके बाद Vishal Bhardwaj ने Shakespeare dramas के Macbeth पर भी एक फिल्म में director का काम किया! 


Vishal Bhardwaj की ओमकारा फिल्म  Shakespeare dramas के Ruskin Bond stories पर थी! ओमकारा एक बहुत ही हिट फिल्म थी जिसको लोगो में बहुत पसंद किया था! अभी हाल ही में Vishal Bhardwaj के direction में एक मूवी आई थी जिसका नाम हैदर था ये मूवी बहुत ही हिट हुई थी! ये मूवी भी Shakespeare के dramas से लिया गया था! हैदर फिल्म में बेहतरीन direction के लिए Vishal Bhardwaj को फिल्मफेयर का भी अवार्ड मिला! 

Vishal Bhardwaj के कई ऐसी फिल्मे भी बनायीं जो सामाजिक मुद्दों पर आधारित थी! Vishal Bhardwaj की एक director के रूप में बहुत ही अच्छी छबी है और उनके direction में बनी फिल्म को बहुत सभी लोग बहुत पसंद करते है! 

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Essay On Indira Gandhi In Hindi- इंदिरा गाँधी पर निबंध

 Essay On Indira Gandhi In Hindi

Essay On Indira Gandhi In Hindi- इंदिरा गाँधी पर निबंध

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Essay On Indira Gandhi In Hindi मतलब की श्रीमती इंदिरा गाँधी पर निबंध को पढ़ेगें! हमारे आजाद भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने अपने खून का हर एक कतरा भारत के गौरव की रक्षा में लगा दिया था!  श्रीमती इंदिरा गाँधी एक आदर्श पिता के आदर्श पुत्री थी!  श्रीमती इंदिरा गाँधी के बारे में एक बहुत ही पापुलर विदेशी लेखक माइटा किंग्सले ने कहा है की " अप्रतिम सौन्दर्य और अप्रतिम शील के साथ जब एक चेतना का संयोग होता है तब उनका नाम हो जाता है- इंदिरा गाँधी! 

अगर बात इंदिरा गाँधी के जन्म की की जाये तो इंदिरा गाँधी! का जन्म 19 नवम्बर 1917
को इलाहाबाद के आनंद भवन में हुआ था! इंदिरा गाँधी के पिता का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरु और माता का नाम कमला नेहरु था! इंडिया का शायद ही कोई ऐसा ब्यक्ति होगा जो पंडित जवाहरलाल नेहरु को नहीं जानता होगा! पंडित जवाहरलाल नेहरु हमारे आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे! आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की ही बेटी थी इंदिरा गाँधी! इंदिरा गाँधी जब छोटी थी तब ही इनके माँ की मौत हो गयी थी! इंदिरा गाँधी के बचपन में ही इनकी माँ चल बसी थी! इंदिरा गाँधी का पालन पोषण उनके दादा मोती लाला नेहरु और उनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरु की देख रेख में हुआ था! इंदिरा गाँधी बचपन से ही बहुत सुंदर और आकर्षक थी! इंदिरा गाँधी को लोग बचपन में प्यार से "इंदिरा प्रियदर्शनी कहकर बुलाते थे! इंदिरा गाँधी बचपन से ही बहुत होस्तियार थी! इंदिरा गाँधी ने अपने कार्यो से अपने आपको एक योग्य पिता की योग्य पुत्री साबित किया था! 

इंदिरा गाँधी की शुरुवाती पढाई लिखाई इलाहाबाद में ही हुई थी! इंदिरा गाँधी ने हाई स्कूल की क्लास पुणे से पास किया था! इंदिरा गाँधी ने पढने के लिए विदेश भी गयी थी! भारतीय कला और संस्कृति की पढाई कोलकाता के शांति निकेतन से पाई थी! शांति निकेतन में गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की देख रेख में इनका और ज्यादा विकाश हुआ! इन सभी के अलावा इंदिरा गाँधी अपने पिता के साथ देश  विदेश की यात्रा भी किया करती थी! अपने पिता के साथ देश विदेश की यात्रा करने के कारण उनको और अधिक ज्ञान की प्राप्ति हुई! 

सन 1942 में इंदिरा गाँधी की शादी फिरोज गाँधी के साथ हुई थी! इनके दो पुत्र हुए जिनका नाम राजीव गाँधी और संजय गाँधी था! सन 1950 में  इंदिरा गाँधी कांग्रेस पार्टी की अध्यछ बनी थी! जब 1964 में पंडित जहावाहर लाल नेहरु की मौत हो गयी उसके बाद लाल बाहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री बने! जब लाल बाहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री थे तब इंदिरा गाँधी उनके मंत्रिमंडल में सुचना एवं प्रसारण मंत्री बनी!  लाल बाहादुर शास्त्री का 1966 जब एका एक मौत हो गयी! उसके बाद भारत के प्रधानमत्री के लिए इंदिरा जी और मोरारजी देसाई प्रमुख्य उम्मीदवार थे! लेकिन दोनों में  इंदिरा गाँधी भारी बहुमत से जीत गयी! इस तरह आजाद भारत का पहला महिला प्रधानमंत्री बनाने का गौरव इंदिरा गाँधी को मिला! 

इंदिरा गाँधी ने भारत में गरीबी मिटाने का बहुत प्रयास किया! इंदिरा गाँधी ने इसके लिए बैंको का रास्ट्रीकरण किया जिसके कारण बैंको में जमा धन गरीबी दूर करने की योजनायो में लगाये जाने लगा! इंदिरा गाँधी ने राजाओ को मिलने वाले मुफ्त सरकारी राशि को खत्म कर दिया! इसके साथ साथ इंदिरा गाँधी ने देश के विकाश के लिए बीस सूत्री कार्यक्रम की शुरुवात की! और वह  बीस सूत्री कार्यक्रम आज भी चल रहा है! परमाणु उर्जा और अंतरिक्ष प्लान में भी इंदिरा गाँधी ने बहुत ध्यान दिया! परमाणु उर्जा और अंतरिक्ष प्लान में भी इंदिरा गाँधी ने देश को सम्मानजनक स्तिथि में खड़ा कर दिया! इंदिरा गाँधी के कुशल अगुवाई में ही बांग्लादेश को आजादी मिली थी! इन घटनाओ से पूरी दुनिया के राजनीति में इंदिरा गाँधी की तूती बोलने लगी! 

इंदिरा गाँधी की बढ़िया अगुवाई में भारत पूरी दुनिया में एक बड़ा शक्ति बनता जा रहा था! ऐसे में दुनिया के दुसरे देशो को ये बात अच्छी नहीं लगी! जिसके फलस्वरूप आतंकवादी शक्तिया ने इंदिरा गाँधी की ही सुरछा में लगे जो प्रहरियो से इनकी हत्या करवा दी! जिस दिन इनकी हत्या हुई थी वह 31 अक्तूबर 1984 का दिन था! इंदिरा गाँधी एक महान देशभक्त थी! इंदिरा गाँधी के पास साहस की कोई कमी नहीं थी! जिस समय पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ था उस समय इंदिरा गाँधी ने जिस साहस , वीरता और गंभीरता का परिचय दिया वह अप्रतिम है! बांग्लादेश को मान्यता प्रदान करके इंदिरा गाँधी ने अपने सहसा का पूरा परिचय दिया था! जब पाकिस्तान को चीन और अमरीका का पूरा समर्थन प्राप्त था तब भी इंदिरा गाँधी ने कोई कमजोरी और हीचकिचाहट नहीं दिखाई थी! 

इस बात को हम सभी को मानना चाहिये की किसी भी देश की शक्ति का आधार आत्मविश्वास ही होता है! पश्चिम के देशो ने इंदिरा गाँधी को सबसे शक्तिशाली महिला घोषित कर दिया था! इंदिरा गाँधी को शक्ति और शांति का प्रतिरूप माना गया! शांति और युद्ध जैसे दोनों मौके पर जिस प्रकार इंदिरा गाँधी ने अगवाई की वैसा शायद ही कोई दूसरा ब्यक्ति किया होगा! इस दृष्टि से इंदिरा गाँधी नेहरु और दुसरे लोगो से भी आगे निकल गयी थी! शांति काल में नेहरु जी के आदर्श को अपनाया लेकिन जब देश युद्ध से आक्रांत हुआ तो वे चर्चितो के आदर्श पर चली! इंदिरा गाँधी मोम से कोमल थी और इस्पात सी कठोर भी थी! इंदिरा गाँधी के जन्म के समय सरोजनी नायडू ने जहावाहर लाल को लिखे गए बधाई पत्र में इंदिरा गाँधी को भारत की नई आत्मा कहा था! इंदिरा गाँधी का नाम उनके द्वारा किये गए कार्यो के कारण भारत के इतिहास में हमेशा के लिए अमर रहेगा! 

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Essay on Book Fair in Hindi- पुस्तक मेला पर निबंध

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हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Essay on Book Fair in Hindi मतलब की पुस्तक मेला पर निबंध पढ़ेगें! पुस्तकें मानव की सहचरी टीचर तथा मार्ग दर्शिका है! अवकास के समय इनसे बढ़कर हमारा कोई साथी नहीं होता है! ये हमारा मनोरंजन करती है और जरूरत पड़ने पर ये हमारे मन को भी शांति करती है! एक सच्चे दोस्त की तरह ये भी हमारा साथ कभी भी नहीं छोडती है! अगर हम पुस्तकों को मानव का सच्चा साथी कहे तो इसमें कोई गलत बात नहीं होगा! क्योकि ये बात सत प्रतिशत सही है की पुस्तके ही मानव की सबसे बढ़िया साथी होती है! पुस्तको ने ही अनोखी जग क्रांति की है और इतिहास की धारा मोड़ी है! 

Essay on Book Fair in Hindi- पुस्तक मेला पर निबंध


रास्ट्र की प्रगति का मूल लक्ष्मी के साथ साथ सरस्वती की आराधना में निहित है! ज्ञान की देवी सरस्वती की कृपा का अभाव राष्ट्र को सुख शांति नहीं दे सकता है! यही कारण है की कृषि मेला, शिल्प मेला आदि की भाति पुस्तक मेला भी आयोजित किया जाता है! वैसे को भारत में प्राचीनकाल से मेलो का आयोजन चलता आ रहा है! लेकिन फिर भी ये विशेष प्रकार के मेले मुख्यत आधुनिक युग की देन है! इनको मेला ना कहकर प्रदर्शनी भी कहा जा सकता है! 

पुस्तक मेले शुरुवात में यूरोप के अमरीका जैसे बिकसित देशो में ही होते रहे है! लेकिन दो दशक से ये भारत में भी आयोजित हो रहे है! इन मेलो का स्वरूप कभी आंचलिक , कभी रास्ट्रीय और कभी अंतररास्ट्रीय होता है! इनके आयोजन तथा ब्यवस्था हेतु अर्थ , परिश्रम और कभी कभी कुशलता की जरूरत होती है! पुस्तक मेला एक सप्ताह से लेकर दो सप्ताह तक चलता है! मुख्य रूप से प्रकाशन संघ सरकारी सहायत से इन मेलो का आयोजन एवं संचालन करता है! इन मेलो में ब्यवस्था के अनुसार विभिन्न जगहों , भाषायो  तथा विषयों के देश विदेशी प्रकाशन एवं पुस्तक बिक्रेता अपनी अपनी पुस्तक सजाते है! इस अवसर पर ग्राहकों को पुस्तक के मूल्य पर अच्छी छुट दी जाती है! 


पुस्तक मेले के आयोजन की सबसे जरुरी विशेषता यह होती है की मेला स्थल प्रकाशन , लेखक एवं पाठक की त्रीवेणी बन जाती है! इन मेलो में तीनो का पारस्परिक मिलन होता है! इन्ही मेलो से साहितिक लेखकीय युक्त नीतियों का संकेत प्राप्त होता है! इन्ही समाहरो के माध्यम से पापुलर लेखको एवं प्रकाशको को अभिनंधित  कर समाज उनके प्रति अपने कर्तब्य का निर्बाह करता है! कभी कभी अंतिम एक दो दिन के लिए मेला मीना बाजार का रूप ले लेता है! 


पुस्तक मेले का रास्ट्रीय महत्व है! यहाँ ग्रंथो का अपार भंडार संचित होता है! कई अलभ्य पुस्तके भी बहुत ही आसानी से मिल जाती है! साधारण पाठक पुस्तक मेले के माध्यम से अनेक नई नई पुस्तको से परिचित होते है! किसी बड़ी से बड़ी दुकान अथवा सार्वजनिक पुस्कालय में जिन पुस्तकों के उसे दर्शन नहीं होते है! वह भी पुस्तके मेले में मिल जाती है! कही कहानी , उपन्यास , नाटक , निबंध , आलोचना  काव्य आदि की साहितिक पुस्तके तो कही राजनीतिक, अर्थ नीति , समाज नीति, इतिहास , एवं भूगोल आदि और कही चिकीत्सा, धर्म , आदि बिभिन्न शास्त्रों के बढ़िया से बढ़िया ग्रन्थ देखकर सभी ब्यक्ति की आँखे ख़ुशी के मारे झूम उठती है! 

इस प्रकार के पुस्तक मेले सर्वसाधारण में पुस्तकों के प्रति सहज आकर्षक पैदा करते है! उनमे ज्ञान पिपासा जागते है तथा अध्ययन के प्रति उनमे रुझान पैदा करके उनकी रूचि को और अधिक कर देते है! जिस पुस्तक मेले में देश विदेश के बिभिन्न भाषाओ के ग्रन्थ सुसज्जित किये जाते है! उनमे शामिल होने वाले लोगो का ज्ञान विज्ञान के ब्यापार की सीमा न केवल परिचय प्राप्त होता है अपितु आंचलिक तथा स्थानीय स्कूल संस्थानों को अच्छी पुस्तके खरीदने की सुबिधा भी सहज ही प्राप्त हो जाती है! 


पुस्तक मेले का आयोजन रास्ट्र की परम जरूरत है! यही कारण है की यह अधिकाधिक पापुलर होता जा रहा है! यह मेला हर साल दिसम्बर और जनवरी के महीने में लगता है! मेले बढती भीड़ और पाठको की मांग ने आंचलिक स्तर पर इस प्रदर्शनी को आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया है! जन चेतना को बढ़िया करने के लिए पुस्तक मेले की बहुत जरूरत है! इसमें कोई शक नहीं है की पुस्तक मेले का आने वाला कल बहुत बढ़िया है! 


इनको भी पढ़े-
1- Essay on Discipline in Hindi- अनुशासन पर निबन्ध
2- Essay On Importance of Book in Hindi- पुस्तकों के महत्व पर निबंध
3Samay Ka Mahatva Essay in Hindi- समय का महत्व पर निबन्ध
5- Essay On Importance Of Education in Hindi- शिक्षा का महत्व पर निबंध
4- Essay On Modern Education System in Hindi- आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर निबंध

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Essay On Mango Tree in Hindi- आम के पेड़ पर निबंध


Essay On Mango Tree in Hindi


हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Essay On Mango Tree in Hindi मतलब की आम के पेड़ पर निबंध को पढ़ेगें! आम का पेड़ हम सभी का प्रिय पेड़ होता है! हम सभी लोगो को पका हुआ आम खाने में बहुत मज़ा आता है! आज हम इस post में उस ही आम के पेड़ के बारे में पढ़ेगें! मै उम्मीद करता हू की आपको  Essay On Mango Tree in Hindi पसंद आयेगा! यदि आपको  Mango Essay Tree in Hindi पसंद आये तो इसको दुसरे के साथ शेयर करना ना भूले! 

Essay On Mango Tree in Hindi- आम के पेड़ पर निबंध 


हमारे भारत देश में बहुत ही अलग अलग अलग प्रकार के पेड़ पाये जाते है! आम का पेड़ एक ऐसा पेड़ है जिसको हर एक भारतीय बहुत पसंद करता है! आम के पेड़ को लोग इसलिए पसंद करते है क्योकि आम के पेड़ पर पैदा होने वाला आम बहुत ही मीठा और स्वादिष्ट होता है! भारत में बड़े पैमाने पर आम की खेती की जाती है! भारत में आम के पेड़ अलग अलग राज्य में अलग अलग होते है! आमो के पेड़ो के बहुत सारी प्रजाति होती है! कई आम के पेड़ ऐसे भी होते है जो केवल 5 से 6 साल बाद से फल देने लगते है! इसके साथ साथ आप के कई सारे ऐसे भी प्रजाति भी है जो 15 से 20 साल के बाद से फल देने शुरु करते है! इसलिए कोई शक नहीं है की आम के फल को हम सब बहुत पसंद करते है! लोग आम के फल को फलो का राजा कहते है! 

आम में पेड़ विशाल होते है! एक नार्मल आम का पेड़ 20 फुट से 80 फुट तक हो सकते है! आम के पेड़ पर जो पत्ती पायी जाती है वह भाले की तरह होती है! आम के पेड़ पर जो फल पाये जाते है वह शुरुवात में हरे रंग के होते है लेकिन जैसे जैसे आम का फल पकड़ा जाता है वैसे ऐसे इसके रंग में भी परिवर्तन होने लगता है! जब आम पूरी तरह से पक जाता है तब इसका रंग पिला हो जाता है! जब आम के फल का रंग पिला हो जाये तो इसका मतलब की अब आम  पूरी तरह से पक कर तैयार है! आम के फल में गुथिली भी पायी जाती है! आम को खाने के बाद उस गुथिली को फेक दिया जाता है! अगर आप इसके गुथिली को कही सही जगह पर लगा दे तो उस गुथिली से दूसरा आम का पेड़ निकल जाता है! 

आम के लड़की का उपयोग गावो में कहाँ पकाने के लिए किया जाता है! गावों में बड़े पैमाने पर आम के लकड़ी का उपयोग ईधन के रूप में किया जाता है! आमो के बहुत सारे प्रजातिया होती है!  लँगड़ा, चौसा , दशहरी, बम्बईया आदि उनके कुछ प्रमुख्य प्रजाति है! जहाँ पर पानी का बढ़िया इंतजाम होता है वहां पर आम के पेड़ का विकास अच्छी तरह से होता है! आम के पेड़ में फल साल में केवल एक बार आता है! आम के पेड़ में फल आने से पहले उसमे फूल आते है! फूल आने के एक महीने ले बाद उसमे धीरे धीरे फल आना शुरु होता है! भारत में आम के फल की बहुत मांग रहती है! इसी कारण हर साल भारत में बड़े पैमाने पर आम का फल पैदा होता है! 

 Mango Tree History  in Hindi- आम के पेड़ का इतिहास 


आम के पेड़ का इतिहास के पेड़ का इतिहास बहुत ही पुराना है! प्राचीनकाल से ही हमारे देश में लोग आम का सेवन कर रहे है! आम के बारे में कई सारे शोध किये गए है और उन सभी शोधो के अनुसार आम के पेड़ और उसके प्रजाति की शुरुवात  स्याम और मलाया से हुई थी! भारत में आम के पेड़ और उसके फल के बारे में लोगो को बुद्ध काल में पता चला था! आज से कई सौ साल पहले भारत के लोगो को आम का बगीचा लगाना बहुत पसंद था! और प्राचीनकाल में लोग बड़े फैमाने पर आम के बागीचे लगाते थे! अकबर भी ने अपने शासन काल में बहुत सारे आम के बागीचे लगवाये थे! आम के बारे में भारत में बहुत सी लोकगीत भी गाये जाते है! आम के फल के और भी बहुत सारे उपयोग है! भारत में कच्चे काम के फल का बड़े पैमाने पर अचार और चटनी भी बनायीं जाती है! आज के समय में आपको बाजार में बहुत से तरह के आम एक आचार और चटनी मिल जायेगें! 

प्राचीनकाल के बहुत सारे कवियों ने भी अपने kavita में आम के पेड़ और फल का जिक्र किया है! महान कवि कालिदास ने भी अपनी kavita में आम के फल की तारीफ़ की है! भारत में जितने भी फल पाये जाते है उन सभी फलो में आम का फल सभी का प्रिय फल है! मैंने आपको ऊपर पहले ही बताया है की भारत में बड़े फैमाने पर आम की पैदावार होती है! एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल 1 से 2 करोड़ टन आम की पैदावार होती है! पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा आम की पैदावार भारत में होती है! भारत में बहुत से लोग ऐसे है जिनके आय का मुख्य स्रोत आम का बगीचा ही है! भारत में आपको जगह जगह आम के बगीचे दिखाई देगें! 

आम का पेड़ आर्युर्वैदिक दृष्टी से भी बहुत फायदेमंद होता है! यदि किसी को कोई बिच्छु काट लेता है तो इस स्तिथी में आम के पत्ते को पीसकर लगाने से दर्द में आराम मिलता है! आम के फल में कई तरह के बिटामिन भी पाये जाते है! आम के फल से निकलने वाली गुथिली के द्वारा आप अपने कफ को दूर कर सकते है! इन सभी के अलावा और भी बहुत से फायदे है आम के पेड़ पर आम के फल के! आने वाले समय में आम से होने वाले कुछ बढ़िया और उपयोगी फायदों के बारे में मै एक आर्टिकल लिखकर इस website पर शेयर करूँगा! 

इनको भी पढ़े- 
1- Essay on Save Trees in Hindi- पेड़ बचाओ पर निबंध
2- Essay On Neem Tree in Hindi- नीम के पेड़ पर निबंध
3- National Tree Of India in Hindi- भारत के राष्ट्रीय पेड़
4- Importance Of Trees in Hindi | वनों की उपयोगिता पर निबंध
5- Essay on Himalaya in Hindi- पर्वतराज हिमालय पर निबंध

मै उम्मीद करता हु की आपको  Essay On Mango Tree in Hindi पसंद आया होगा! यदि आपको ये Essay On Mango Tree in Hindi Language पसंद आया है तो इसको अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले!

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Tsunami Essay in Hindi – सुनामी पर निबंध

Tsunami Essay in Hindi


हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Tsunami Essay in Hindi मतलब की सुनामी पर निबंध को पढ़ेगें ! "सुनामी " शब्द को आपने बहुत बार सुना होगा! सुनामी एक बहुत ही भयंकर प्राक्रतिक आपदा है! सुनामी में समुंदर में बहुत ही बड़ी बड़ी लहरे उठती है! और इन लहरों के बीच पड़ने वाले हर एक चीज़ को एक लहरे तबाह कर देती है! दुनिया में बहुत से ऐसे देश है जहाँ पर सुनामी आई हुई है! अगर भारत की बात करे तो भारत देश में २004 में एक बहुत ही भयंकर सुनामी आई थी! इस सुनामी में बहुत ज्यादा लोग मरे गए थे! इसके साथ साथ बहुत ही ज्यादा जन और धन दोनों का नुकसान हुआ था! 2004 में जो सुनामी भारत में आया था वह भारत में आया सबसे भयंकर सुनामी था! 

Tsunami Essay in Hindi – सुनामी पर निबंध


सुनामी एक जापानी शब्द है! सुनामी दो शब्द सु और नामी से मिलकर बना है! सु का अर्थ बन्दरगाह और नामी का अर्थ लहर होता है! कुछ लोग सुनामी लहरों का सम्बन्ध ज्वारीय लहरों से जोड़ते है! लेकिन ये बात भी सही है की सुनामी लहरे ज्वारीय लहरे नहीं होती है! 

सुनामी तरंगो की एक ऐसी श्रखला है जो पानी के अंदर हलचल मचने पर जल स्थाम्भ के विस्थापन से उठती है! इसकी चपेट में निचले तटवर्ती इलाके आ जाते है! ज्वारीय लहरों की भाति सुनामी लहरे भी कभी अकेले नहीं आती है! सुनामी लहरे 5 से 10 मिनट के अन्तराल में एक के बाद एक आकर तबाही मचाती है! अगर बात की जाये खुले और गहरे समुंदर में तो  खुले और गहरे समुंदर में सुनामी लहरे विनाशकारी नहीं होती है! जैसे जैसे ये तटीय एरिया में आती है वैसे वैसे इसका विनाश का रूप बढता जाता है! अब सवाल ये उठता है की आखिर सुनामी लहरे कैसे और किन किन कारण की वजह से उठती है! तो इसके कई कारण है जिनमे से मै आपको कुछ कारण के बारे में बताता हु! 

* जब सागर में उठा पटक की शक्ति जल स्तंभ को उठा देती है! 
* जब समुंदर तल में उठा पटक से ऊपर की हलचल मचती है! 
* जब गुरुत्वाकार्सन प्रभाव से जल में ऊपर से हलचल बढती है! 

जब सुनामी लहरे आती है तो ये इतनी खतरनाक होती है की लोग इसको एक तरह से टाइम बम कहकर पुकारते है! ये सुनामी लहरे गोल तरंगो के रूप में एक के बाद एक जल के स्पर्श बिंदु से निकलकर चारो तरफ प्रसारित होती है! स्पर्श बिंदु से निकलते समय इन तरंगो की मोटाई काफी कम होती है! किन्तु जैसे जैसे ये लहरे किनारे तक जाती है वैसे वैसे इसकी उचाई और मोटाई बढती जाती है! जब समुंदर के किसी एरिया में बहुत शक्तिशाली भूकंप आता है! तो जल के उपरी सतह पर केन्द्रीय बिंदु से कुछ cm लम्बी जल की गोल तरंगे निकलकर आगे प्रसारित होने लगती है! ये तरंगे उत्पति के समय हानिकारण नहीं होती है! लेकिन जैसे जैसे ये छिछले जल वाले तटवर्ती एरिया की तरफ बढती है! वैसे वैसे विनाशक हो जाती है! ये सब कुछ अपने में समेट लेती है! 

सुनामी लहरे जेट बिमान से भी अधिक तेज चलती है! भूकंप के झटको से लचीली तरंगे उत्पन्न होकर ठोस धरती पर गतिशील हो जाती है! यह स्तिथी जब समुंदर के भीतर या समुंदर के तटवर्ती एरिया में उत्पन्न होती है तो भूकंप के केंद्र पर समुंदर की आन्तरिक सतह तेजी से ऊपर उठती है! और पुनः अंदर जाती है! भूकंप से मुक्त हुई निचे की उर्जा समुंदर के जल को समान्य स्तर से ऊपर उठाकर गतिज उर्जा में परिवर्तित हो जाती है! तथा इन तरंगो को धक्का देकर आगे प्रसारित करने लगती है! कुछ समय के बाद गतिज उर्जा से ओत प्रोत तरंगे सुनामी लहरे के रूप में बदल जाती है! 

ये लहरे अपने मार्ग में आने वाली हर एक चीज़ को नष्ट करते हुए! आगे बढ़ने लगती है! गहरे समुंदर जल में उत्पन्न सुनामी लहरे की वेब लेंथ 500 KM से अधिक होती है! यानी की सुनामी लहरे 500 मील प्रति घंटे की गति से आगे बढती है! इस प्रकार से ये लहरे जेट बिमान की गति को भी पीछे छोड़ सकती है! और 24 घंटे में पुरे समुंदर को आर पार कर सकती है! 

इसमें कोई शक नहीं है की जहाँ पर सुनामी लहरे आती है वहां पर हर एक जगह तबाही ही तबाही होता है! दुनिया में ऐसी बहुत से जगह है जहा पर बहुत ही भयंकर भयकर सुनामी लहरे आई है! जहा पर सुनामी लहरे आती है वहां पर वह पुरे तबाही मचा देती है! सुनामी लहरों से जन और धन दोनों को बहुत ज्यादा नुकसान होता है! समुंदर के किनारे पर बसे शहरो को सुनामी लहरों से सबसे ज्यादा खतरा होता है! क्योकि सुनामी लहरों का सबसे पहला असर समुंदर के किनारों के सहरो के ऊपर पड़ता है! जब भारत के सुनामी लहर आई थी उस समय सबसे ज्यादा नुकसान समुंदर के किनारे वाले शहरो पर हुआ था! और उस सुनामी में अपार मात्रा में जन और धन दोनों का नुकसान हुआ था! सुनामी एक प्राक्रतिक आपदा है इसपर मानव का कोई control नहीं होता है! सुनामी लहरे कभी भी आ सकती है इसका कोई फिक्स समय नहीं तय होता है! इसलिए हम सभी लोगो को मिलकर भगवान से ये प्रार्थना करना चाहिये की हमारे इस सुंदर देश में कभी भी सुनामी लहर ना आये और हमारे भारत देश की सुन्दरता ऐसे ही बनी रहे! 

इनको भी पढ़े–
1– Essay On Rainy Season in Hindi- वर्षा ऋतू पर निबन्ध
2– Essay On Importance Of Water in Hindi – जल के महत्व पर निबंध
3– Importance Of Trees in Hindi | वनों की उपयोगिता पर निबंध
4– Essay on Ganga River in Hindi Language- गंगा नदी पर निबंध
5– Essay On Mango Tree in Hindi- आम के पेड़ पर निबंध

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