Saddam

Essay on Mother Teresa in Hindi- मदर टेरेसा पर निबन्ध

Essay-on-Mother-Teresa-in-Hindi


Essay on Mother Teresa in Hindi- मदर टेरेसा पर निबन्ध

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Essay on Mother Teresa in Hindi मतलब की मदर टेरेसा पर निबंध पढ़ेगें! संसार में प्रेम दया एवं सेवा का सन्देश फ़ैलाने वाली तथा अनेक तरह तरह के पुरस्कारों से सम्मानित मदर टेरेसा का जन्म अल्बानिया के एक मध्यवर्गीय रोमन कैथोलिक परिवार में 26 अगस्त 1910 को हुआ था! मदर टेरेसा की माँ कपड़े की सिलाई कढाई की दुकान चलती थी! और उनके पिता एक भवन बनाने वाले थे मतलब की एक भवन निर्माता थे! हम सभी मदर टेरेसा को मदर टेरेसा के नाम से जानते थे लेकिन उनका real नाम मदर टेरेसा नहीं था उसका real नाम एग्नेस गोक्सा बोजस्क्यू  था! मदर टेरेसा के परिवार में उनके अलावा और भी कई भाई बहन थे! अपने सभी भाई बहन में मदर टेरेसा सबसे छोटी थी! चुकी मदर टेरेसा अपने परिवार में सबसे छोटी थी इसलिए परिवार के सभी लोग मदर टेरेसा को बहुत पसंद करते थे और उनसे बहुत प्यार भी करते थे! 

जब मदर टेरेसा छोटी थी तब उनके पिता की किसी कारणवश मौत हो गयी! पिता की मौत के बाद मदर टेरेसा का परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा! मदर टेरेसा का परिवार भले ही मध्यवर्गीय था फिर भी उनके परिवार के लोग लोगो की मदद करने में हमेसा आगे रहते थे! जब मदर टेरेसा के पिता की मौत हुई थी उसके बाद उनके घर की आर्थिक स्थिथि खराब हो गयी थी! मदर टेरेसा के घर के स्तिथी खराब होने के बाद भी मदर टेरेसा की माँ पैसे बचाकर परोपकार के कार्य में लगाती थी! अपनी माँ को ऐसा करते देख मदर टेरेसा  के अंदर भी  परोपकार के कार्य करने की इच्छा पैदा होती थी! माँ के कार्यो का  मदर टेरेसा पर बहुत प्रभाव पडा!  मदर टेरेसा बचपन से ही अपनी माँ की तरह सामाजिक कार्यो में हिस्सा लेने लगी!  मदर टेरेसा को  सामाजिक कार्यो को करने में बहुत अच्छा लगता था! 

मदर टेरेसा की सुरुवाती पढाई लिखाई युगोस्लाविया में हुआ था! जब मदर टेरेसा 18 साल की थी तब इतने कम उम्र में ही मदर टेरेसा ने एक कठोर निर्णय ले लिया था! केवल 18 साल की उम्र में ही मदर टेरेसा ने सांसारिक से अलग होकर नन बनने का निर्णय किया और अपने काम करने के लिए भारत देश के कोलकाता शहर को चुना! ऐसा करने के लिए मदर टेरेसा ने लारेटो सम्प्रदाय की सदस्य बन गई! उस समय लारेटो सम्प्रदाय के लोग पहले से ही पश्चिम बंगाल में धर्म प्रचार का काम कर रहे थे! इस प्रकार 18 साल की आयु में सन 1928 में परिवार देश सब कुछ छोड़कर कोलकत्ता चली आई! जब मदर टेरेसा कोलकत्ता आ गयी उसके बाद वह कोलकत्ता में सेंट मैरी में एक teacher के रूप में अपना काम करना शुरु किया! 

जब मदर टेरेसा  सेंट मैरी में एक teacher थी तो उस समय में एक teacher के रूप में मदर टेरेसा अपने स्टूडेंट के बीच में बहुत पापुलर रही थी! जिस स्कूल में मदर टेरेसा एक teacher थी उस स्कूल से सटे मोतीझील नामक एक मुहल्ला था! इस मुहल्ले में जो लोग रहते थे वह सभी लोग बहुत ही गरीब थे! गरीब होने के साथ साथ उन सभी लोगो को लोग अछूत जाति के लोग मनाते थे! कुल मिलकर ये कोलकत्ता शहर का सबसे गंदा मुहल्ला था! मदर टेरेसा को उस मुहल्ले की दुर्दशा देखी नहीं गयी! और उस मुहल्ले को अच्छा बनाने के इरादे से मदर टेरेसा हर रोज भोजन और दवाइया लेकर उस गंदे मुहल्ले में जाने लगी! मदर टेरेसा को इतना अच्छा काम करते देख उनके कुछ स्टूडेंट के अंदर भी ऐसा काम करने की भावना आई! और उनके कुछ स्टूडेंट मदर टेरेसा के साथ उनका हाथ बटाने लगे! इस तरह से मदर टेरेसा ने अपने बढ़िया काम की वजह से उस गंदे मुहल्ले को अच्छे मुहल्ले में बदला दिया! 

 मदर टेरेसा यही नहीं रुकी! और वह लारेटो नन के काले और सफ़ेद कपड़े को त्याग दिया और उसकी जगह पर नीले किनारे की मोती धोती पहनकर हाथ में बाइबिल लेकर अपना पूरा जीवन दुखी , पीड़ित एवं अनाथ लोगो की सेवा में समर्पित कर दिया! सोचने वाली बात को ये है की जिस समय मदर टेरेसा स्कूली जीवन का परित्याग करके इस काम को करने के लिए गयी थी उस समय उनके पास केवल 5 रूपए थे! फिर भी मदर टेरेसा ने हिम्मत नहीं हारी!  मदर टेरेसा ने परिश्रम , लगन , एवं अपने इष्ट यीशू मसीह के विश्वास के सहारे इस दुनिया की पहली महिला सेविका मदर टेरेसा के नाम से बिख्यात हुई! मदर टेरेसा ने अनाथो में ब्याप्त रोज एवं अशिछा को दूर करने तथा परित्यक्त शिशुओ को आश्रय देने और मृतप्राय बिना आश्रय की देख भाल करने का जिम्मा उठाया! 1950 में मदर टेरेसा ने मिशनरीज आफ चैरितिज की स्थापना की! मिशनरीज आफ चैरितिज में पूरी दुनिया में मिशन की गतिबिधिया संचालित होती है! मदर टेरेसा के द्वारा कुष्ट रोगियों के इलाज के लिए कोलकाता के निकट टीटागढ़ में स्थापित  प्रेम निवास तो सुचमुच प्रेम का संचार करता है! 

अगर मदर टेरेसा को अवार्ड की बात की जाये तो मदर टेरेसा को बहुत से अवार्ड मिले है! मदर टेरेसा को अवार्ड के रूप में जो पैसे मिलते थे! उन पैसो से वह एक नया आश्रम खोल देती थी! यहाँ पर मै आपको मदर टेरेसा को मिलने वाले कुछ मुख्य आवर्ड के बारे में बताता हु! उम्मीद है की आपको ये पसंद आयेगा! 

1- 1962 में भारत सरकार द्वारा पदम् श्री 
2- 1972 में जवाहर लाल नेहरु सदभावना अवार्ड 
3- 1973 में इंग्लैंड के राजकुमार के द्वारा हैपुलहन अवार्ड 
4- 1974 में अमरीका के द्वारा मास्टर ऑफ़ मैजिस्ट अवार्ड 
5- 1978 में नोबल पुरष्कार 
6- 1980 में भारत रत्न 

ये मदर टेरेसा को मिलने वाले कुछ अवार्ड थे! इन सभी अवार्ड के अलावा और भी बहुत से अवार्ड मदर टेरेसा को मिले थे! मदर टेरेसा को 1978 में नोबल पुरष्कार मिला था! आपके जानकारी के लिए बता दू की नोबल पुरष्कार इस दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सम्मानित आवर्ड है! किसी भी ब्यक्ति को नोबल अवार्ड मिलना उसके लिए बहुत सम्मान की बात है! 1980 में मदर टेरेसा को भारत रत्न से भी नवाजा गया था! भारत रत्न इंडियन का सबसे बड़ा आवर्ड है! मदर टेरेसा के कामो की तुलना हम इन आवर्ड से नहीं कर सकते है! क्योकि उनके द्वारा किया गया काम उनके ही जैसे महान है! जिसकी हम केवल मिसाले दे सकते है! 

मदर टेरेसा को दिए जाने वाले पुरष्कारो के बारे में कहा जाता है की ये पुरस्कार मदर को सम्मानित नहीं करते बल्कि वे ही मदर से सम्मानित होते है! नार्वे की नोबल शांति पुरस्कार समिति के अध्यछ फ्रांसिस सजोतांद का कहना है की पापुलर शांति पुरस्कार के लिए मदर का चयन करने में कमेटी को गौरव महसूस हुआ था! सुचमुच उनका उपयुक्त कथन शत प्रतिशत सही है! क्योकि मदर टेरेसा का त्याग और तप पुरस्कारों की सीमा से परे है! 

लेकिन काल किसी को नहीं छोड़ता है! दया एवं ममता की प्रतिमूर्ति तथा दुनिया के अनाथो की आश्रयदात्री मदर टेरेसा 5 सितम्बर 1997 को चल बसी! मदर टेरेसा के बारे में कहा जा सकता है की धरती पर कभी कभी ऐसे संत महापुरुष अवतरित होते है! जो अपने कार्यो से जन मानस में एक छाप छोड़ जाते है! हम सभी को भी मदर टेरेसा के कार्यो को याद करके उनसे प्रेरणा लेना चाहिये! 

मै उम्मीद करता हु की आपको Essay on Mother Teresa in Hindi पसंद आया होगा! यदि आपको ये Essay on Mother Teresa in Hindi Language पसंद आया है तो इसको अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले!

प्रिय मित्रो यदि आपके पास भी Essay on Mother Teresa in Hindi से related कोई इनफार्मेशन हो तो आप उस  इनफार्मेशन को मेरे पर्सनल ईमेल  [email protected] पर भेज सकते है!. हम आपके उस इनफार्मेशन को आपके नाम और फोटो के साथ अपने वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे!

आपके पास Essay on Mother Teresa in Hindi में और Information हैं, या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें email करके बताये हम इसको update करते रहेंगे! अगर आपको Essay on Mother Teresa in Hindi Language अच्छा लगे तो इसको  facebook पर share कीजिये.

Tag- essay on mother teresa in hindi, essay on mother teresa in hindi pdf,essay on mother teresa in hindi wikipedia, essay on mother teresa in hindi for class 5, short essay on mother teresa in hindi, 200 words essay on mother teresa in hindi, essay on mother teresa in hindi language, an essay on mother teresa in hindi, a short essay on mother teresa in hindi, mother teresa essay in hindi download, essay of mother teresa in hindi, very short essay on mother teresa in hindi, mother teresa in hindi, mother teresa in hindi essay, mother teresa in hindi paragraph, mother teresa hindi article, biography of mother teresa in hindi, about mother teresa in hindi, about mother teresa in hindi language, mother teresa short biography in hindi, details of mother teresa in hindi language, mother teresa in hindi short essay, mother teresa information in hindi language, mother teresa jeevani in hindi, mother teresa ke vichar in hindi, mother teresa in hindi nibandh, history of mother teresa in hindi, article on mother teresa in hindi, 10 lines on mother teresa in hindi, 100 words on mother teresa in hindi, 20 lines about mother teresa in hindi, 4 lines on mother teresa in hindi, 5 lines on mother teresa in hindi...