Essay on Railway Station in Hindi – रेलवे स्टेशन पर निबंध



Essay on Railway Station in Hindi


हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Essay on Railway Station in Hindi मतलब की रेलवे स्टेशन पर निबंध पढ़ेगें! हर एक देश में रेलवे स्टेशन एक ऐसा जगह होता है जहाँ पर हर रोज लाखो लोग सफ़र करते है! सभी लोग Railway Station पर जाकर जंहा पर जाना होता है वहां के लिए ट्रेन का इन्तजार करते है! आज के इस आर्टिकल में मै आपको  रेलवे स्टेशन के एक अनुभाव को आपके साथ  शेयर करूँगा! मै उम्मीद करता हूँ की आपको Essay on Railway Station in Hindi पसदं आयेगा! यदि आपको rail yatra essay in hindi पसदं आये तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले

Essay on Railway Station in Hindi – रेलवे स्टेशन पर निबंध


आज के समय में सभी लोग एक स्थान से दुसरे स्थान पर अपने काम के लिए रोज सफ़र करते है! लोग एक जगह से दुसरे जगह पर जाने के लिए कई तरह तरह का साधन का उपयोग करते है! आज के समय में एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाने के लिए सबसे ज्यादा ट्रेन का उपयोग किया जाता है! लोग ट्रेन का उपयोग इसलिए करते क्योकि ट्रेन का भाडा बस और टेक्सी के मुकाबले कम होता है! सभी ट्रेन से सफ़र करने के लिए हर रोज  रेलवे स्टेशन पर जाते है! आज के समय में भारत के  Railway Station में जितनी भीड़ होती है उसको देखकर जिन्दा आदमी भी मर जायेगा! भारत के  रेलवे स्टेशन पर भीड़ का ये आलम केवल एक  रेलवे स्टेशन पर नहीं होता बल्कि ये भारत के सभी  रेलवे स्टेशन पर होता है! सभी Railway Station  पर हर रोज लाखो लोग सफ़र करने के लिए आते है!

आज मै आपको 
Railway Station की एक ऐसे अनुभव को शेयर करने जा रहा हूँ! जिसको मैंने महसूस किया! मेरा नाम सददम हुसेन है और मै गोरखपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ! जहाँ पर मेरा घर है उससे 10 किलोमीटर दूर गोरखपुर  रेलवे स्टेशन है! मै आपके जानकारी के लिए बता दू! की गोरखपुर  रेलवे स्टेशन पुरे एशिया का सबसे बड़ा  रेलवे स्टेशन है! एक दिन मै घर पर बैठ कर मोबाइल में game खेल रहा था! तभी मेरे पिता जी आये और पिताजी ने कहाँ की बेटा आज हमारे कोई दूर के रिश्तेदार आने वाले है! हमारे रिश्तेदार गोरखपुर पहली बार आ रहे है! और वह ट्रेन के द्वारा आ रहे है! इसलिए तुम जाकर उनको गोरखपुर  रेलवे स्टेशन से उनको pick कर लो! मै गोरखपुर रेलवे स्टेशन कहाँ पर है इसको जनता था लेकिन कभी भी  रेलवे स्टेशन पर गया नहीं था! मैंने सोचा चलो आज  रेलवे स्टेशन भी देख लेगें और घूमते घूमते अपने रिश्तेदार को भी लेते आयेगें! जो हमारे रिश्तेदार घर पर आने वाले थे उनसे मै एक बार अपने मामा के लड़के के शादी में मिला था! इसलिए मै उनको आसानी से पहचान सकता था!


पिता जी ने मुझसे कहा की इतने बजे ट्रेन आयगी! और तुम ट्रेन आने से 2 घंटा पहले ही  रेलवे स्टेशन पर पहुच जाना! पिता जी के अनुसार मै ट्रेन आने से 2 घंटा पहले ही  रेलवे स्टेशन पर पहुचने के लिए निकल दिया! मै अपने घर से कुछ दूर से 
Railway Station  जाने के लिए एक बस में बैठा ! बस जैसे ही 5-6किलोमीटर तक चला तब ही रास्ते में बस खराब हो गयी! ड्राईवर ने बस में हुए समस्या को देखते हुए कहाँ की बस को बनाने में 2 घंटा लगेगा! मैंने सोचा की जब तक बस बनेगा तब तक तो रिश्तेदार का ट्रेन आ जायेगा! इसलिए मैंने दूसरा बस पकरने की सोची! मैंने दूसरी बस को रुकवाने में लग गया लेकिन कोई भी बस नहीं रुकी! इसलिए मैंने पैदल ही Railway Station जाने का निश्चय किया! जहाँ पर बस खराब हुआ था वहां से रेलवे स्टेशन 2 से 3 किलोमीटर था! इसलिए मैं पैदल ही रेलवे स्टेशन तक चल दिया!


जब मै 
Railway Station के लिए चल तब रास्ते में बहुत traffic और भीड़ का सामना करना पडा! भीड़ और traffic का सामना करते करते कैसे कैसे मै रेलवे स्टेशन पर पहुचा! जब मै रेलवे स्टेशन पर पंहुचा तो वहां का नजारा कुछ और था! मैंने देखा की पूरा रेलवे स्टेशन लोगो से भरा पडा है! कही पर भी पाँव रखने की जगह नहीं है! कही पर यात्री खड़े है तो कही पर उनका सामान! अब मेरे सामने ये समस्या थी की मै प्लेटफार्म टिकट कैसे लू! गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जाने के लिए आपके पास  प्लेटफार्म टिकट होना चाहिये! अब मै उस खिड़की को तलासने लगा जहाँ पर  प्लेटफार्म टिकट मिलता है! फिर मैंने एक आदमी से पूछा की  प्लेटफार्म टिकट कहाँ मिलता है! जब मै उस आदमी के बताये गए जगह पर गया तो मै देखता रह गया क्योकि जहाँ पर  प्लेटफार्म टिकट मिल रही थी! वहां पर बहुत ही भारी मात्रा में लोग पहले से ही थे! मेरे रिश्तेदार के ट्रेन के आने का समय भी हो गया था! इसलिए मै बिना  प्लेटफार्म टिकट लिए ही स्टेशन पर चल दिया!


अब मै 
Railway Station के  उस प्लेटफार्म को ढूढने लगा जहाँ पर रिश्तेदार की ट्रेन आने वाली थी! जिस प्लेटफार्म पर  रिश्तेदार की ट्रेन आने वाली वह प्लेटफार्म नंबर 4 था! मै जहाँ पर खड़ा था वह प्लेटफार्म नंबर 2 था! मुझे प्लेटफार्म नंबर 2 से प्लेटफार्म नंबर 4 पर जाना था! पूरा  Railway Station आदमी और सामान से भरा पड़ा था! खुदा ही जनता है की मैंने कितना धक्का मुक्की से  प्लेटफार्म नंबर 2 से प्लेटफार्म नंबर 4 पर पंहुचा!


प्लेटफार्म नंबर 4 पर जाते जाते मै बहुत थक गया था! मुझे थोडा बैठने के लिए जगह की जरूरत थी! और मै बैठने के लिए इधर उधर जगह तलासने लगा! लेकिन इतना अधिक भीड़ की वजह से मुझे कही पर भी बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही थी! जहाँ पर  मै खड़ा था वहां पर भी लोगो के आने जाने से धक्का मुक्का लगता रहता था! जहाँ पर मै खड़ा था वहां पर तरह तरह की ध्वनि सुनाई देती थी! कोई भीख मांग रहा था तो कोई अपना सामान बेच रहा था! और भी ना जाने कौन कौन सी ध्वनि वहां पर सुनाई दे रही थी!


मै थका भूखा हारा वहां पर ट्रेन के आने का इन्तजार करने लगा तभी किसी ने जोर से कहाँ की ट्रेन आ रही है! मैंने पलट पर देखा की सचमुच ट्रेन आ रही है! जैसे ही ट्रेन आये मानो की कोई युद्ध छिड गया हो! कोई ट्रेन पर चढ़ने के लिए तो कोई ट्रेन से उतरने के लिए आपस में धक्का मुक्की करने लगे! कई लोगो ने तो मुझे भी इस भीड़ में नुकसान पंहुचा दिया! मै जैसे तैसे इधर उधर अपने रिश्तेदारों को खोजने लगा! तब कुछ ही देर में ट्रेन चल दी! अभी तक मुझे अपने रिश्तेदार नहीं मिले थी! मै दौड़े दौड़े हर के ट्रेन की बोगी में उनकी तलास करने लगा! लेकिन वह मुझे कही पर नहीं मिले!


इतने में ट्रेन भी पूरी तरह चल दी! मै हतास होकर एक ब्रेंच पर बैठ गया! और यही सोचने लगा की मै पिताजी को क्या जबाब दूंगा! तभी एक आदमी मेरे पास आकर बोला सद्दाम तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो! जब मैंने उस आदमी को पलट कर देखा तो मै देखता ही रह गया! क्योकि वह कोई और नहीं मेरे रिश्तेदार थे! मै बहुत खुश हुआ! और उनसे पूछा की बाकि के लोग कहाँ पर है! तो उन्होंने कहाँ की बाकी के लोग उस पेड़ के निचे बैठे है! मैंने जाकर उन सभी लोगो से मिला और हम सभी ने वहां से घर जाने के लिए एक बस पकड़ी!  रास्ते में मेरे रिश्तेदार ने मुझे पूछा की रेलवे स्टेशन तक आने में तुमको कोई दिक्कत तो  नहीं हुई! मै उनकी ये बात सुनकर हँसने लगा! आधे घंटे बाद हम सभी लोग घर पहुचे!


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