Saddam

Essay on Discipline in Hindi- अनुशासन पर निबन्ध

Essay on Discipline in Hindi

 Essay on Discipline in Hindi- अनुशासन पर निबन्ध

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Essay on Discipline in Hindi मतलब की अनुशासन पर निबंध को पढ़ेगें! हम सभी को पता है की Discipline का हमारे जीवन में कितना महत्व है! Discipline केवल हमारे लिए ही नहीं बल्कि हमारे देश के लिए भी बहुत जरुरी है! हम सभी के साथ साथ हमारे सरकार को भी एक Discipline में रहना चाहिये! मै उम्मीद करता हूँ की आपको Essay on Discipline in Hindi का ये आर्टिकल पसंद आयेगा! यदि आपको  Essay on Discipline  in Hindi पसंद आये तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले-

Discipline एक ऐसा शब्द है! जिसको हम सभी के अंदर होना बहुत जरुरी है! हर एक के जीवन में अनुशासन का होना बहुत जरुरी है! हम सभी को अपना हर एक काम अनुशासन में रहकर करना चाहिये! यदि हम एक स्टूडेंट है तो हमको अपने अंदर अनुशासन रखना बहुत जरुरी है! एक स्टूडेंट होने के नाते हमको अपना हर एक काम Discipline में रहकर करना चाहिये! किसी भी व्यक्ति के जीवन में अनुशासन उसको एक सही दिशा में लेकर जाता है! इसके साथ साथ अनुशासन में रहने पर हम अपने आपको बुरी चीजों से दूर रखते है! इस तरह से हम कह सकते है की हर एक जीवन में Discipline का होना बहुत जरुरी है! 


शासन के आगे उपसर्ग "अनु" लगने से अनुशासन शब्द बना है! अनु शब्द का अर्थ है पीछे पीछे! इस प्रकार अनुशासन शब्द का सही अर्थ शासकीय कानून तथा सामाजिक मान्यताओ से है! अत: इसका पालन करना ही अनुशासन है! हमारे जीवन में अनुशासन बहुत ही जरुरी है! परिवार एवं रास्ट्र को सुब्यवस्थित रखने के लिए अनुशासन बहुत ही जरुरी है! जिस परिवार में पुत्र पिता के और पुत्री माता के अनुशासन में ना रहे वह परिवार अब्यवस्थित हो जाता है! उसी प्रकार यदि सरकारी कार्ययालय में कर्मचारी अनुशासन में न रहे तो कार्यालय में अब्यवस्था फ़ैल जाती है!


अध्यापक को प्रधानाध्यापक के प्रधानाध्यापक को प्राचार्य के एवं स्टूडेंट को teacher के अनुशासन में रहना पड़ता है! अगर बात सैनिक की करे तो सैनिक बिना अनुशासन के एक पग भी नहीं चल सकते है! अर्थात अनुशासन मानव जीवन के एक जगह पर बहुत जरुरी है! अनुशासन के बिना हमारे द्वारा किया गया हर एक काम असफल हो सकता है! अनुशासन के बारे में महात्मा गाँधी जी ने बहुत ही बढ़िया बात कही है! महात्मा गाँधी जी ने कहाँ है की 

"अनुशासन के बिना ना परिवार चल सकता है और ना ही संस्था या राष्ट्र"


महात्मा गाँधी के द्वारा कहे गए ये शब्द  एकदम सही है! इसमें कोई शक नहीं है की यदि किसी परिवार में अनुशासन ना हो तो उस परिवार में हमेसा कुछ ना कुछ होता रहता है! यदि किसी  राष्ट्र में अनुशासन ना हो तो उस राष्ट्र के लोग कभी भी ख़ुशी से अपना जीवन नहीं बीता पायेगें! इसलिए हम कह सकते है की बिना  अनुशासन के हम एक अच्छा जीवन नहीं ब्यतीत कर सकते है! हमारे जीबन अनुशासन का होना बहुत ही जरुरी है! 


हर एक ब्यक्ति में बचपन से ही Discipline का बीज डालने की कोशिश की जाती है! बच्चा अपने माँ के प्यार , पिता की डाट एवं बड़ो के मार्गदर्शन में अनुशासित जीवन ब्यतीत करते हुए बड़ा होता है! बच्चो में डाला गया  अनुशासन का यह बीज धीरे धीरे अंकुरित होने लगता है! जब बच्चे स्कूल जाते है! तब उनको स्कूल में भी  अनुशासन का पाठ पढाया जाता है! स्कूल में विद्यार्थी शब्द ज्ञान के साथ साथ स्कूल के नियमानुसार संयमित जीवन ब्यतीत करते है! गुरुजनों के बढ़िया आचरण को समीप को देखकर उसका अनुकरण करते है!  


इस प्रकार प्राथमिक विद्यालय से महाविद्यालय तक की अवधि में विधार्थियों में अनुशासन का वह अंकुरित बीज बड़ा होकर एक पेड़ का रूप ले लेता है! ऐसे ही स्टूडेंट ब्यवहारिक जीवन में पदाधिकारी अथवा सेना में उचाधिकारी बनते है! और इनके ही इशारे पर सैकड़ो कर्मचारी या सैनिक अपना काम करते है! ऐसे ही छात्र  जब देश का नेतृत्व करते है तब उनके पीछे पूरा देश चल पड़ता है ! 


लेकिन ये गंभीर चिंता का विषय है की आज के युवा जो देश के भावी कर्णधार है उनमे Discipline की बहुत कमी है! अनुशासनहीनता और आज का विद्यार्थी दोनों एक दुसरे के पर्याय बन गए है! छोटी सी घटना से लेकर दंगा फसाद , आगजनी तथा तोड़फोड़ आज के समय में एक आम बात हो गयी है! आज के युवा का exam में मर्यादा का हनन करना तो उनका जन्मसिद्ध अधिकार बन गया है! 


आज के समय में  exam में नक़ल से रोकने पर गुरुजनों को अपमानित करना तो आम बात हो गया है! आज के teacher का डंडा छात्रों को नहीं डराती है बल्कि teacher ही छात्र के छुरे से डरते है! इस तरह से हम कह सकते है की इन सभी कुरीतियों के मूल कारण अनुशासनहीनता है! स्टूडेंट में ब्याप्त इस अनुशासनहीनता के अनेक कारणों में राजनीति सबसे ज्यादा जिम्मेदार है! आज के राजनीति के नेता अपने काम को करवाने के लाइट स्टूडेंट को चुनते है! इसी का प्रभाव है की आज समाज में सर्वत्र अराजकता व्याप्त है! 

यदि बढ़िया देश बनाने के लिए हर एक देश के हर एक व्यक्ति को Discipline का पालन करना बहुत जरुरी है! जब एक देश का हर एक व्यक्ति Discipline का पालन करेगा! तभी एक बढ़िया देश की शुरुवात होगी! और वह देश विकास की तरफ बहुत ही तेजी से जायेगा! अनुशासन ही संघठन की कुंजी और प्रगति की सीढ़ी है! चलो आज हम सभी लोग ये संकल्प लेते है की आज से हम अपने आपको एक Discipline  में रखेगें! और देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देंगें! 


मै उम्मीद करता हु की आपको Essay on Discipline in Hindi पसंद आया होगा! यदि आपको ये Essay on Discipline in Hindi पसंद आया है तो इसको अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले!

प्रिय मित्रो यदि आपके पास भी 
Essay on Discipline in Hindi से related कोई इनफार्मेशन हो तो आप उस  इनफार्मेशन को मेरे पर्सनल ईमेल  [email protected] पर भेज सकते है!. हम आपके उस इनफार्मेशन को आपके नाम और फोटो के साथ अपने वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे!

आपके पास 
Essay on Discipline in Hindi में और Information हैं, या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें email करके बताये हम इसको update करते रहेंगे! अगर आपको Essay on Discipline in Hindi अच्छा लगे तो इसको  facebook पर share कीजिये.

Tag- anushasan essay in hindi pdf, anushasan ka mahatva essay in hindi language, jeevan mein anushasan ka mahatva nibandh in hindi, anushasan ka mahatva in hindi pdf, essay on discipline in hindi for class 5, lines on discipline in hindi, anushasan meaning in hindi, essay on discipline in hindi for class 5, anushasan ka mahatva essay in hindi language, anushasan essay in hindi, essay on discipline in hindi for class 4, anushasan ka mahatva in hindi...