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लालच बहुत ही बुरी बात है- Short Motivational Story in Hindi Language

Short Motivational Story in Hindi Language

लालच बहुत ही बुरी बात है- Short Motivational Story in Hindi Language

हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में Short Motivational Story in Hindi Language मतलब की एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी को पढ़ेगें! इस बड़ा कहानी को पढने के बाद आपको पता चल जाएगा की वास्तव में लालच करना एक बहुत ही बुरी बात है! मुझे पूरी उम्मीद है की आपको 
Motivational Story in Hindi Language अच्छा लगेगा! यदि आपको Short Motivational Story in Hindi Language अच्छा लगे तो इस बेहतरीन कहानी को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले! 

एक बार एक किसान के दो बेटे थे राजू और श्याम|, बचपन में दोनों बेटे मिलकर रहते थे! पर जैसे-जैसे दोनों बड़े होने लगे, उनमे आपसी लड़ाई होने लगी! किसान ने दोनों को बहुत समझाया मगर फिर भी दोनों के बीच सुलह नहीं हो पायी! दोनों बेटों में से राजू बहुत लालची था! इसीलिए वह जानबूझकर लड़ाई करता था कि पिता की सारी ज़मीन उसे मिल जाये!

किसान के पास बहुत खेत थे! मगर उन दोनों की लड़ाई से तंग आकर आखिर किसान ने फैसला किया कि दोनों में बराबर हिस्सा बाँट कर दोनों को अलग कर दिया जाय!  जिससे कि इन दोनों की लड़ाई बंद हो जाये! मगर लालची बेटा राजू नहीं माना क्यूंकि उसे तो सारी ज़मीन चाहिए थी| इसलिए उसने अपने पिता और भाई को दूसरा रास्ता निकालने के लिए कहा!

पिता ने पूरी रात बहुत सोचने के बाद एक रास्ता निकाला कि सूरज निकलते ही दोनों भाई खेतों की तरफ जायेंगे और सूरज ढलने से पहले जो जितने ज्यादा खेतों से होकर वापस आ जायेगा! वो सारे खेत उसके हो जायेंगे| और जो भी सूरज ढलने तक वापस नहीं आ पाया, वह हार जायेगा और उसे कुछ भी नहीं मिलेगा!

पिता की बात सुनकर राजू बहुत खुश हो गया| क्यूंकि अब उसे लगने लगा था कि सारे खेत उसके हो जायेंगे और वह इतने सारे खेतों का मालिक बन जायेगा| वह मन ही मन बहुत खुश था!

आखिर अगली सुबह राजू और श्याम ने सूरज निकलते ही खेतों की तरफ दोड़ना शुरू किया, श्याम अपनी सामान्य रफ़्तार से दोड़ रहा था!  मगर राजू तो ज्यादा से ज्यादा खेत पाने के चक्कर में सामान्य स्थिति से भी तेज़ दोड़ रहा था! जब आधा दिन हो गया तो दोनों लगभग आधे खेत पार कर चुके थे| मगर जैसे ही दिन और चढ़ने लगा श्याम को लगा अब यहीं से वापस जाना सही रहेगा!  इससे ज्यादा लालच किया तो वह सूरज ढलने से पहले वापस नहीं पहुँच पायेगा|

श्याम को वापस जाते देख राजू बहुत खुश हो गया! उसे लगने लगा कि अब तो श्याम ने खुद ही हार मान ली है! अब मैं सारे खेतों को अपने नाम कर दूंगा! और यह सोचते हुए वह और तेज़ स्पीड से दोड़ने लगा! मगर इसी लालच में उसे एहसास ही नहीं हुआ कि शाम होने वाली है! सूरज ढलने एहसास होते ही उसने वापस दोड़ना शुरू किया मगर वह अपने लालच के चक्कर में इतनी दूर पहुँच चुका था कि बहुत तेज़ दोड़ने के बाद भी सूरज ढलने तक आधे रास्ते ही पहुँच पाया था| और इतना दोड़ने कि वजह से वह वहीँ गिर गया!

राजू अपने लालच के चक्कर में हार चुका था! जबकि श्याम सूरज ढलने से पहले ही वापस पहुँच गया था!


दोस्तों किसी ने सच ही कहा है ये लालच बहुत बुरी बला है! हम जितना मर्ज़ी achieve कर लें! मगर जब तक लालच पीछा नहीं छोड़ता सब बेकार हो जाता है! हमेशा और पाने की इच्छा बढती जाती है| आगे बढ़ना अच्छी बात है मगर लालच के साथ नहीं बल्कि साफ़ मन से आगे बढ़ने की कोशिश की जानी चाहिए

मै उम्मीद करता हु की आपको Short Motivational Story in Hindi Language पसंद आया होगा! यदि आपको ये Short Motivational Story in Hindi Language पसंद आया है तो इसको अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले!

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